श्मशान घाट पर करीब साढ़े तीन सौ अस्थि कलश रखे हुए है। अप्रैल माह जिन शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। उसमें से करीब 70 से 80 शवों की अस्थियां आज भी मौजूद हैं। जिनके परिवारीजन आज तक लेने नहीं आए। पिछले लॉकडाउन में जिन शवों का अंतिम संस्कार हुआ था, उनके परिवारीजन भी अस्थियां लेने नहीं आ रहे। सभी कोरोना संक्रमण खत्म होने के साथ ही कछला या सोरों में अस्थियां का विसर्जन किया जाएगा। -
आंलिक अग्रवाल सचिव प्रबंधक स्वर्गाश्रम विकास समिति
तीन साल पूर्व विधि विधान के साथ अस्थियां का विसर्जन सोरों में किया गया था। अस्थियां विसर्जन से पूर्व स्वर्गाश्रम पर हवन कराया गया था। जिससे मृत आत्माओं को शांति मिल सके। छारबाग से अस्थति विसर्जन यात्रा भी निकाली गई थी। जिसमें काफी समय में समाज सेवी भी मौजूद रहे। इस बार भी अस्थतियों का विसर्जन किया जाएगा।
- प्रदीप अग्रवाल समाजसेवी कोषाध्यक्ष स्वर्गाश्रम विकास समिति
जो लोग शव का दाह संस्कार करने के बाद अस्थियां लेने नहीं आते। उनको फोन भी किया जाता है। लेकिन इसके बाद भी लोग अस्थियां लेने नहीं आ रहे। चिता की आग शांत होने के साथ ही कर्मचारी अस्थियां बीनकर मिट्टी की मटकी या फिर किसी थैले में भरकर रख देता है। बार-बार सूचना देने के बाद भी लोग अपने बुजुर्गों की अस्थि विसर्जन से दूरियां बनाते जा रहे है।
- राकेश गोयल सीए अध्यक्ष स्वर्गाश्रम विकास समिति
आगरा: सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक खुलेंगी शराब की दुकानें, कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी