एटा के जसरथपुर थाना क्षेत्र के अलूपुरा गांव स्थित काली नदी के पुल के नीचे गुरुवार को कलश विसर्जित करते वक्त पानी में डूबीं दो किशोरियों में से एक किशोरी का शव स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद खोज निकाला है। कलश विसर्जन करते समय छह किशोरियां अलूपुरा गांव के पुल के नीचे डूब गईं थीं। पानी में डूब रहीं चार किशोरियों को गांव के ही एक युवक ने बचा लिया था, लेकिन दो किशोरियां पानी में डूब गईं थीं।
नदी में लगातार करते रहे तलाश
बच्चियों के डूबने के बाद से ही स्थानीय तैराक और प्रशासन के गोताखोर लगातार काली नदी में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। करीब 36 घंटे तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद गोताखोर भी आस छोड़ चुके थे। शनिवार सुबह गांव के ही चार गोताखोरों ने नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। पुल से करीब सात किलोमीटर दूर लालपुरी बाबा स्थित प्राचीन मंदिर के समीप एक किशोरी का शव पेड़ की जड़ में फंसा हुआ मिल गया। तैराकों ने शव को पानी से बाहर निकाल लिया है। शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई।
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पेड़ की जड़ में फंसी मिली लाश
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। किशोरी के शव की पहचान सरोजनी पुत्री सुभाष के रूप में हुई है। पुलिस ने किशोरी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। इस हादसे की सूचना के बाद भाजपा विधायक सत्यपाल सिंह राठौर भी शुक्रवार की देर शाम पहुंचे और परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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पूर्व मंत्री मौके पर पहुंचे
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके चौधरी अवधपाल सिंह यादव भी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने की मांग की है। वहीं एक किशोरी का शव मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। प्रशासन के गोताखोर स्टीमर के माध्यम से नदी को सुबह से ही खंगाल रहे हैं। दूसरी बच्ची चांदनी की तलाश जारी है।