15 दिन का समय दिया गया
उच्च स्तरीय समिति के सदस्य प्रो. ब्रजेश रावत का कहना है कि समिति छात्रों से उनकी समस्याएं प्राप्त कर रिपोर्ट प्रभारी कुलपति को सौंपेगी। इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है। फिर भी छात्रों की जो समस्याएं तत्काल हल होने लायक हैं उनका समाधान भी कराया जा रहा है। जिन छात्रों के प्रार्थनापत्र के साथ किसी और प्रमाणपत्र को लगाने की जरूरत है, उसे ई-मेल के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है।
उच्च स्तरीय समिति के सदस्य प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि बीएससी तृतीय वर्ष के करीब 3000 छात्रों का परिणाम रुका हुआ था। इसे जारी कराया गया है। पर्यावरण अध्ययन विषय की परीक्षा नहीं हुई थी। इसमें बाकी विषयों के आधार पर औसत अंक दिए जाने थे। इस निर्णय का क्रियान्वयन कराया गया। इसके साथ ही वेब रजिस्ट्रेशन भी खुलवाया गया।
उच्च स्तरीय समिति अवकाश में भी काम रही है, जबकि विश्वविद्यालय में छुट्टियां हो गई हैं। कार्यालय बंद हैं। इससे छात्र-छात्राओं की समस्याओं का उसी दिन समाधान हो पाना मुश्किल हो गया है। विश्वविद्यालय का कार्यालय सोमवार को खुलेगा।
विश्वविद्यालय का कार्यालय सोमवार को खुलेगा
विश्वविद्यालय का हेल्प डेस्क तो बुधवार को बंद रहा तो कुछ छात्र उच्चस्तरीय समिति के हेल्प डेस्क पर पहुंच गए। प्रोविजनल डिग्री के भी छात्र पहुंचे। इनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इस पर वह नाराज भी हुए। छात्रों को बताया गया कि उच्च स्तरीय समिति इस वर्ष छात्रों के परिणाम में हुई गड़बड़ियों के लिए बनाई गई है, उसी से संबंधित प्रार्थनापत्र ले रही है।
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