गांव के ही एक व्यक्ति से थी रंजिश
पुलिस के अनुसार दिनेश की गांव के ही देवेंद्र से तीन साल से रंजिश चली आ रही थी। दो साल पहले हुए विवाद में दिनेश ने एससी-एसटी एक्ट में देवेंद्र व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे में गांव का मनोज गवाह है। मृतक के ससुर का कहना है कि आरोपी पक्ष लगातार समझौते के लिए दबाव बना रहा था।
समझौता न करने पर देवेंद्र ने फर्जी तरीके से दिनेश और मनोज के खिलाफ अवागढ़ थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसी मुकदमे की तारीख पर दिनेश और मनोज गए थे। मनोज अधिवक्ता के पास ही रुक गया था और दिनेश वहां से घर आ रहा था, तभी रास्ते से लापता हो गया। सुबह उसका शव मिलने की सूचना मिली। दिनेश की हत्या किसने की, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।