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जिंदगी भर की कमाई पल भर में गंवाई: साइबर अपराधियों ने खाते से निकाले सात लाख रुपये, सेवानिवृत्त दरोगा को लगा सदमा

Mon, 20 Sep 2021 01:31 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

ट्रेजरी अफसर बनकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को साइबर अपराधी इससे पहले भी ठगी का शिकार बना चुके हैं। 29 जुलाई को सेवानिवृत्त फालोअर रामनरेश के पास कॉल आया था। उनके खाते से 15 लाख रुपये निकाले गए थे। 
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आगरा: साइबर अपराध का शिकार हुए सेवानिवृत्त दरोगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ट्रेजरी अफसर बनकर साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त दरोगा के खाते से 7.36 लाख रुपये निकाल लिए। पहले उनसे कॉल करके खाते और एटीएम कार्ड की जानकारी ली गई। बाद में नेट बैंकिंग चालू कर रकम ट्रांसफर कर ली। इनका पूरा खाता खाली कर दिया पीड़ित को इससे सदमा लगा और उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

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मैनपुरी निवासी है पीड़ित
मूलरूप से बेवर मैनपुरी निवासी राज बहादुर सिंह कालिंदी विहार की नंदा सिटी में रहते हैं। वह 31 अगस्त 2019 को दरोगा के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में है। उन्होंने बताया कि वह पैतृक गांव में गए हुए थे। शनिवार दोपहर को उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्रेजरी अफसर बताया। कहा कि आपके खाते का नवीनीकरण किया जा रहा है। यह ऑनलाइन होगा। उनकी जन्मतिथि, नौकरी में आने और सेवानिवृत्ति की तिथि बताई।

बैंक की पासबुक और आधार कार्ड मांगा

इस पर राजबहादुर को विश्वास हो गया। उनसे कहा कि अपनी बैंक की पासबुक और आधार कार्ड की फोटो व्हाट्सएप पर भेज दो। वहीं एटीएम कार्ड के आखिरी के चार नंबर बता दो। इस पर राजबहादुर ने जानकारी दे दी। फोटो भी व्हाट्सएप पर भेज दिया। उन्होंने शाम को अपना खाता चेक किया तो 7.36 लाख रुपये निकल चुके थे।

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जिंदगी भर की कमाई पल भर में चली गई
राजबहादुर को जब पता चला कि साइबर अपराधियों ने उनके खाते से 7.36 लाख रुपये निकाल लिए हैं, उनकी हालत बिगड़ गई। परिवार के लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने उनकी जिंदगी भर की कमाई ले ली। उनके बेटे पुष्पेंद्र ने बैंक में शिकायत की। इस पर उन्हें पुलिस के पास जाने के लिए बोल दिया। साइबर सेल ने जांच का आश्वासन दिया है। यह रकम झारखंड से निकाले जाने की आशंका है। उनके खाते की नेट बैंकिंग चालू की गई थी। 

पहले भी पूर्व कर्मचारी हुए हैं ठगी के शिकार
ट्रेजरी अफसर बनकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को साइबर अपराधी इससे पहले भी ठगी का शिकार बना चुके हैं। 29 जुलाई को सेवानिवृत्त फालोअर रामनरेश के पास कॉल आया था। उनके खाते से 15 लाख रुपये निकाले गए थे। वहीं 26 नवंबर 2020 को सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल के खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए गए थे। दोनों में मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन अब तक रकम वापस नहीं मिल सकी।
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