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शौक बना परेशानी: सेलिब्रिटी को देखकर झट से बनवाया टैटू, नौकरी के लिए साफ कराने चिकित्सकों के पास पहुंच रहे युवक-युवती

Mon, 20 Sep 2021 11:03 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि टैटू से त्वचा की टीबी और एलर्जी का खतरा रहता है। अगर सुई स्टरलाइज नहीं है और संक्रमित होने पर एचआईवी और हेपेटाइटिस बी का भी खतरा रहता है। ऐसे में युवा टैटू बनवाते वक्त सुई को अच्छी तरह से स्टरलाइज जरूर करवा लें।
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टैटू का प्रतीकात्मक चित्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेलिब्रिटी को देखकर टैटू का शौक लगा और झट से अपनी पसंद का टैटू बनवाया। बात जब नौकरी की आई तो टैटू साफ करवाने के लिए चिकित्सकों के पास पहुंचे। एसएन मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विभाग में हर सप्ताह ऐसे दो-तीन युवा आ रहे हैं। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि टैटू को साफ करवाने के लिए ओपीडी में तीन से पांच युवा परामर्श लेने आते हैं। इनमें से दो से तीन युवा टैटू साफ करवा रहे हैं। इनकी उम्र 20 से 28 वर्ष के अधिक हैं। खासतौर से सैन्य और पुलिस की नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवा अधिक रहते हैं। यह शरीर पर बने टैटू साफ करवाते हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों में आवेदन करने वाले युवा हाथ, गर्दन और बाजू पर बने टैटू को साफ करवाते हैं। बाकी पीठ या फिर अन्य हिस्से में बने टैटू कपड़े से ढक लेते हैं, जो साक्षात्कार के समय नजर नहीं आते। इसमें युवतियां भी शामिल हैं।

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केस एक: चार सिटिंग हो चुकी हैं
ग्वालियर रोड निवासी 22 साल के युवक ने बाजू पर टैटू बनवाया था। सेना की नौकरी के लिए आवेदन किया। टैटू होने पर मेडिकल में अनफिट होने की जानकारी पर एसएन में इसे साफ करवा रहा है। चार सिटिंग हो चुकी हैं।

केस दो: टैटू हटवाने के लिए कहा
सदर क्षेत्र की 26 साल की युवती ने दिल्ली की मल्टीनेशनल की कंपनी में आवेदन किया। उनकी गर्दन पर टैटू था, साक्षात्कार में टैटू हटवाने के बाद ही ज्वाइन करने की बात कही। एसएन में टैटू हटाने की प्रक्रिया चल रही है।

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ऐसे साफ होता है टैटू
टैटू वाले स्थान पर क्यू स्विच लेजर विधि से 30 से 50 मिनट तक प्रक्रिया अपनाई जाती है। 21 से 30 दिन में एक बार प्रक्रिया अपनाई जाती है। टैटू की लंबाई के आधार पर सिटिंग तय करते हैं। सामान्य तौर पर छह से 10 सिटिंग में टैटू साफ हो जाता है। इससे किसी तरह की एलर्जी या फिर कोई परेशानी नहीं होती है।
एसएन में निशुल्क है सुविधा
निजी सेंटरों पर प्रति टैटू 1500 से 2000 रुपये तक फीस है। एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में यह सुविधा निशुल्क है। यहां एक रुपये का पर्चा बनवाकर त्वचा रोग विभाग में परामर्श ले सकते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। 
टैटू से त्वचा की टीबी, एलर्जी का खतरा
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि टैटू से त्वचा की टीबी और एलर्जी का खतरा रहता है। अगर सुई स्टरलाइज नहीं है और संक्रमित होने पर एचआईवी और हेपेटाइटिस बी का भी खतरा रहता है। ऐसे में युवा टैटू बनवाते वक्त सुई को अच्छी तरह से स्टरलाइज जरूर करवा लें।
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