क्रिप्टोकरेंसी क्या है?
साइबर सेल के एक्सपर्ट विजय तोमर ने बताया कि हर देश की अपनी एक अलग-अलग मुद्रा होती है। भारत में रुपये, अमेरिका में डालर, सऊदी अरब में रियाल आदि। मगर, क्रिप्टोकरेंसी इन मुद्राओं से अलग होती है। क्रिप्टो वो मुद्रा है, जिसे आप देख और छू नहीं सकते हैं। यह छुपा हुआ होता है। ये एक प्रकार का डिजीटल रुपया है। इसे सिर्फ आनलाइन रूप में अपने पास रखा जा सकता है। इनमें बिटक्वाइन, एथेरियम, लाइटकॉइन शामिल हैं। इसकाे कोई कंट्रोल नहीं करता है। कोई डिजीटल फुट प्रिंट भी नहीं करता है। यह मल्टीलेयर में होती है। वर्चुअल करेंसी को ऑनलाइन वाॅलेट में रखा जाता है। इसका लेन-देन वाॅलेट में ही छुपा हुआ रहता है। इसका खाता ब्लाकचेन नामक एक सार्वजनिक डिजिटल खाता बही पर दर्ज किया जाता है।
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सुरक्षित तरीके से करें निवेश
साइबर एक्सपर्टके मुताबिक, किसी भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से पहले जानकार व्यक्ति से अच्छी तरह से समझ लें। इससे जुड़ी किसी वेबसाइट व एप्लीकेशन की प्रमाणिकता की जांच कर लें। ध्यान रहे कि यह किसी सरकार या बैंकिंग सिस्टम के अधीन नहीं है। धोखाधड़ी होने पर पुलिस की मदद लें।