बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग कालेज के हास्टल में छह सितंबर को हुई एमटेक छात्रा तोशी सेठ की रहस्मय मौत की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस को अपनी कहानी सच साबित करने के लिए बड़ा सहारा मिल गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिल्कुल उलट फोरेंसिक एक्सपर्ट की राय में यह सनसनीखेज मामला आत्महत्या का बताया गया है। पुलिस पहले से ही इसे सुसाइड केस बता रही है। इस रिपोर्ट के सहारे पुलिस हत्या की धारा में दर्ज इस केस को आसानी से आत्महत्या में तरमीम कर फाइल बंद कर सकती है।
इलाहाबाद निवासी गोपीनाथ की बेटी तोशी के शव का पोस्टमार्टम सात सितंबर को जिला अस्पताल के डाक्टर केसी धाकड़ ने किया था। इसमें मौत की वजह दम घुटना बताया गया था। दम घुटने की वजह गला घोटा जाना बताई गई। चिकित्सीय भाषा में इसे एंटी मॉर्टम स्ट्रेंगुलेशन कहते हैं। इसी के आधार पर तोशी के पिता गोपीनाथ ने एफआईआर हत्या की धारा 302 में दर्ज कराई। आरोप आरबीएस कालेज प्रशासन पर लगाया। लेकिन पुलिस को मामला साफ तौर पर आत्महत्या का लग रहा था। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और एसएमएस रिकार्ड से तोशी और उसके दोस्त सूरज के बीच बातचीत का पता चला। इससे भी मामला सुसाइड का लग रहा था।
तोशी की मौत के बाद सूरज ने चंदोली में अपने घर में सुसाइड कर लिया था। इसके चलते पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर एसएन मेडिकल कालेज की राय ली गई। एसएन के सूत्रों ने बताया कि फोरेंसिक डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डाक्टर अजय अग्रवाल ने न केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया बल्कि मौका ए वारदात का मुआयना करने भी पहुंचे।
उन्होंने तोशी के पंखे से लटके मिले शव के फोटो भी देखे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना ही बताया है, लेकिन इसकी वजह गला घोटना नहीं, घुटना बताई है। चिकित्सीय भाषा में इसे हैंगिंग कहते हैं। जैसे स्ट्रेंगुलेशन को हत्या माना जाता है, वैसे ही पुलिस की नजर में हैंगिंग का मतलब आत्महत्या होता है।
कैसे टूटी गले की हड्डी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले ही हड्डी (हाइड) के टूटने के आधार पर स्ट्रेंगुलेशन लिखा गया। फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट है कि हाइड स्ट्रेंगुलेशन में भी टूटती है और हैंगिंग में भी। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर केसी धाकड़ का कहना था कि उन्होंने शव का खुद परीक्षण किया था।
फील्ड यूनिट की रिपोर्ट में भी सुसाइड
मौका ए वारदात का मुआयना करने वाली फील्ड यूनिट की रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है लेकिन इससे जुड़े सूत्रों का कहना है कि मामला सुसाइड का ही है। एक तो मौके पर संघर्ष के निशान नहीं मिले। दूसरा, स्लाइड रिपोर्ट में स्पर्मेटाजोआ (शुक्राणु ) निल आए। तीसरा, फोटो के आधार पर मामला सुसाइड का लग रहा है।
तोशी का परिवार संतुष्ट नहीं
पुलिस की जांच और फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट से तोशी सेठ का परिवार संतुष्ट नहीं है। इन लोगों का कहना है कि मामला हत्या का है। वे इसकी सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जल्द ही मुलाकात करेंगे।