आगरा से एटा जेल भेजे गए हाईप्रोफाइल जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल अब हिस्ट्रीशीटर अपराधी बन गया है। थाना ताजगंज में उसकी हिस्ट्रीशीट ए खोल दी गई है। नंबर दिया गया है 61 ए। यह कार्रवाई तब हुई है जब उसके खिलाफ 35 केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 23 में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। बाकी में भी फटाफट जांच की जा रही है।
इसके विपरीत पुलिस ने जालसाजी की रकम बरामदगी के लिए ठीक से प्रयास नहीं किए हैं। उसका सिर्फ एक कोल्ड स्टोरेज सील किया गया। इसके अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसकी संपत्ति मालूम तो कराई गई लेकिन इसके बाद जांच आगे नहीं बढ़ी। उसके बैंक खातों से लेकर शेयर तक की डिटेल तैयार कराई गई, लेकिन इसके बाद कार्रवाई रुक गई।
आला अफसरों ने शुरू में बड़े जोर से दावे किए कि इस मामले में शैलेंद्र के अलावा जालसाजी में शामिल रहे सभी लोग जेल जाएंगे, लेकिन बाद में इरादा अचानक बदल गया। पुलिस ने उसका गैंग रजिस्टर्ड करके गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (एक) के तहत उसकी जालसाजी से अर्जित संपत्ति कुर्क करने की बात भी कही थी। लेकिन इसमें भी बात आगे नहीं बढ़ी।
इधर से उधर घूम रही एसएमएस डिटेल
शैलेंद्र अग्रवाल के साथ अफसरों की बातचीत के ढेरों एसएमएस की डिटेल पुलिस के पास है, लेकिन इसे जांच में शामिल नहीं किया जा रहा। अभी तक दर्ज चार्जशीट में इसे कोर्ट के सामने नहीं रखा गया। यह डिटेल कभी डीआईजी की साइबर सेल के पास पहुंच जाती है तो कभी एसएसपी दफ्तर। इस डिटेल में दो पूर्व डीजीपी समेत कई अधिकारी फंस रहे हैं। फिलहाल यह डिटेल एसएसपी ऑफिस के पास है।