आगरा में तहसील बाह के गांव फरैरा में एक घर में शुक्रवार रात एनसीआर की जांच को पहुंचे एक दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया गया। दरोगा राजीव कुमार यादव को महिलाओं ने बंधक बनाकर पीटा।
पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया, जिसमें दरोगा और सिपाही राजवीर सिंह लहूलुहान हो गए। पुलिस कर्मियों के हथियार लूटने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा। बाद में थाने से पहुंची पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल दरोगा और सिपाही को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने बताया कि तीन माह पहले खेत की मेड़ को लेकर गांव के विश्वनाथ का भतीजे रामशंकर से विवाद हो गया था। रामशंकर ने चाचा के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। शुक्रवार शाम को पुलिस को सूचना मिली कि गांव में चाचा-भतीजे में झगड़ा हो गया है।
पुलिस की दबिश
- फोटो : अमर उजाला
रात आठ बजे बटेश्वर चौकी प्रभारी राजीव कुमार यादव, एचसीपी भोजराज सिंह, सिपाही राजवीर सिंह, सिपाही सत्यपाल, चालक विमल के साथ फरैरा गांव पहुंचे। पुलिस विश्वनाथ के घर पहुंची।
दरोगा राजीव कुमार यादव पूछताछ के लिए विश्वनाथ को पकड़कर घर से बाहर ला रहे थे। तभी घर की महिलाएं एकजुट हो गईं, उन्होंने दरोगा को घेर लिया। पुलिसकर्मियों ने बचाने का प्रयास किया तो घर की छत से पथराव कर दिया।
पुलिस की दबिश
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राजीव कुमार को बंधक बनाकर लाठी-डंडों से पीटा, इस दौरान उनका मोबाइल लूट लिया। दरोगा को बचाने के लिए आए सिपाहियों पर भी हमला बोल दिया गया और उनके असलहे लूटने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने गांव से भागकर जान बचाई।
हमले में दरोगा और सिपाही राजवीर सिंह घायल हो गए। दोनों को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सूचना पर थाना बाह की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने ओमवती, ऊषा, प्रीती और विश्वनाथ को गिरफ्तार कर लिया।
शनिवार को सभी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। एसपी ग्रामीण पूर्वी नित्यानंद राय ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला बोला गया। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है।