घर पर दबिश देकर पुलिस ने की गिरफ्तारी
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नालंदा बिल्डर एवं डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा को धोखाधड़ी और धन हड़पने के आरोप में गुरुवार को थाना सिकंदरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोपहर में पुलिस ने डायरेक्टर को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए आरोपी को 18 जनवरी तक के लिए जेल भेज दिया।
बता दें, नालंदा बिल्डर एवं डेवलपर्स के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा, संतोष कटारा और शरद भदौरिया के खिलाफ 28 दिसंबर 2016 को थाना सिकंदरा में धोखाधड़ी, गालीगलौज और धमकी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें फ्लैट बुकिंग कराकर कब्जा नहीं देने और खरीदारों के धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। 16 खरीदारों ने एसएसपी से शिकायत की थी। आरोप था कि कंपनी ने 2011 में शास्त्रीपुरम स्थित नालंदा क्राउन योजना शुरू की थी। 36 महीने में उसे पूरा कर 2014 जनवरी में फ्लैट पर कब्जा देना था। लेकिन बिल्डर ने निर्माण कार्य बंद कर दिया। अब तक कब्जा नहीं दिया। इस पर मनोज कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने गुरुवार को कंपनी के डायरेक्टर फ्रेंड्स पैराडाइज खंदारी निवासी राधेश्याम शर्मा को घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। उसे एसीजेएम अष्टम अरविंद विकास की कोर्ट में पेश किया। आरोपी की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस करते हुए अधिवक्ता अचल कुमार शर्मा और उपेंद्र मिश्रा ने कहा कि आरोपी का अपराध सात साल से कम दंड का है। इसके लिए नोटिस दिया जाना चाहिए था। अभियुक्त द्वारा नोटिस की अवहेलना की जाती तो गिरफ्तार किया जाता। अभियोजन की ओर से एपीओ ने तर्क दिया कि पुलिस ने अभियुक्त को नोटिस देने का पूर्ण प्रयास किया। व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील न होने पर रजिस्टर्ड डाक से भी नोटिस भेजे गए। मगर, आरोपी न तो थाने में हाजिर हुआ और न ही कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत ने अपराध गंभीर प्रकृति का मानते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। राधेश्याम शर्मा को 18 जनवरी तक के लिए जेल भेज दिया।
दो की गिरफ्तारी बाकी
मामले में आरोपी दो डायरेक्टर संतोष कटारा और शरद भदौरिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।