प्रमाण पत्रों में हर जगह जयकृष्ण राणा का उल्लेख है, जबकि हॉस्पिटल में भर्ती कराते वक्त जेके सिंह लिखाया गया। इसके अलावा पिता का नाम दौलत सिंह लिखाया गया है, जबकि जनपद में दर्ज मुकदमों में पिता का दौलतराम अंकित है। पता जबकि चंदनवन का है, पर हॉस्पिटल में महोली रोड दर्शाया गया है।
तीन थानों में हैं 46 मुकदमे
करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले जयकृष्ण सिंह राणा के खिलाफ जनपद के थाना फरह, शहर कोतवाली और थाना हाइवे में 46 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें अधिकतर मुकदमे फर्जीवाड़े के हैं। खास यह है कि मथुरा पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है जांच: एसएसपी
एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि जेके सिंह या जयकृष्ण सिंह राणा एक ही थे। इसकी हकीकत से पर्दा हटाने के लिए क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी गई है। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।
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