ताजमहल पर कोरोना मरीज बढ़ने के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है। इतना ही नहीं नमूना केंद्र भी नहीं बने हैं। फ्लू ओपीडी और स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था नहीं है।
देश में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट जेएन-1 की आशंका के बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। ताजमहल पर बना बूथ खाली पड़ा है। एंटीजन जांच भी नहीं हो रही है। अस्पतालों में स्क्रीनिंग और फ्लू ओपीडी भी नहीं बनाई गई है। यहां तक कि जिला अस्पताल में नमूना केंद्र भी नहीं बना है।
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कोरोना वायरस का मरीज गाजियाबाद में मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया था। पर इंतजाम नहीं किए। ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों की भी जांच नहीं हो रही है। बनाया गया बूथ सोमवार को खाली दिखा, स्टाफ भी नहीं मिला। एसएन और जिला अस्पताल में कोरोना महामारी में फ्लू ओपीडी और स्क्रीनिंग की व्यवस्था की थी। इसकी अब तक शुरूआत नहीं की है। इससे संदिग्ध मरीजों की जांच नहीं हो पा रही। आरटी-पीसीआर की किट नहीं आने के कारण जिला अस्पताल में नमूने भी नहीं लिए जा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि अभी एंटीजन किट से जांच हो रही है। नमूना केंद्र भी बनाया जाएगा। ताजमहल पर बने बूथ पर तैनात कर्मचारियों से जवाब-तलब करेंगे।
आरटीपीसीआर की 500 किट आईं
सीएमओ ने बताया कि आरटी-पीसीआर की 500 किट आ गई हैं। इनका इस्तेमाल संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जांच में किया जाएगा। अभी विदेशी और महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु से आने वाले पर्यटक प्राथमिकता में हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के भी संपर्क में हैं और यहां से आने वाले लोगों की किसी की हालत संदिग्ध नजर आने पर जानकारी देने को भी कहा है।