डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा
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उत्तर प्रदेश के आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित समाज विज्ञान संस्थान में संचालित एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम का संचालन सत्र 2023-24 में दो तरह से किया जाएगा। पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए कक्ष और शिक्षक सब एक ही होंगे, बस विद्यार्थियों की फीस अलग-अलग होगी।
सेल्फ फाइनेंस में रखी गईं 45 सीटें
यहां पूर्व की तरह एडेड में 60 सीटें ही संचालित होंगी। इसकी फीस करीब 8000 रुपये वार्षिक है। 45 सीटें सेल्फ फाइनेंस में रखी गई हैं। इसकी फीस 20 से 30 हजार रुपये वार्षिक के बीच रखी जानी है। अभी फीस सार्वजनिक नहीं की गई है। अभी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर एडेड व सेल्फ फाइनेंस के सीटों की संख्या ही बताई गई है।
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अन्य विश्वविद्यालयों में भी ऐसी ही व्यवस्था
समाज विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. मोहम्मद अरशद ने बताया कि एक ही विभाग या संस्थान में एक ही पाठ्यक्रम एडेड व सेल्फ फाइनेंस दोनों तरह से संचालित हैं। एमएसडब्ल्यू में सीटें बढ़ाने पर अतिरिक्त शिक्षकों को लगाना पड़ेगा। उनका खर्च वहन करने के लिए पाठ्यक्रम का सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालन जरूरी है। पाठ्यक्रम के प्रति विद्यार्थियों में रुझान है।
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इस बार संचालित होगा पाठ्यक्रम
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 में एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम को सेल्फ फाइनेंस श्रेणी में संचालित किया जाएगा। गत वर्ष निर्धारित फीस की अपेक्षा इस बार फीस काफी कम रखी जा रही है। इसकी फीस प्रवेश के पूर्व विद्यार्थियों को बता दी जाएगी। विद्यार्थियों के संख्या के अनुरूप पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
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70 हजार फीस पर एक भी प्रवेश नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 से ही एमएसडब्ल्यू को एडेड व सेल्फ फाइनेंस दोनों श्रेणी में संचालित करने की योजना बनाई थी। सेल्फ फाइनेंस की फीस 70 हजार रुपये वार्षिक निर्धारित कर दी गई थी। एडेड व सेल्फ फाइनेंस के बीच बड़े अंतर (करीब 62 हजार) को देखते हुए एक भी विद्यार्थी ने सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं लिया। सत्र 2023-24 फीस 50 फीसदी से भी कम की जा रही है।
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