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साल भर में खपा दी 50 लाख की जाली करंसी, अब तक 11 एजेंटों के नाम आए सामने

Sat, 07 Sep 2019 08:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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पुलिस ने पकड़े नकली नोट - फोटो : अमर उजाला
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सदर बाजार में पकड़े गए गिरोह ने साल भर में 100-100 की लगभग 500 गड्डियां चला दीं। इनका मूल्य लगभग पचास लाख रुपये है। ये लोग नकली नोट डेढ़ साल से बना रहे थे लेकिन शुरू में इक्का दुक्का नोट ही बनाए। इन्हें पेट्रोल पंपों पर चलाकर देखा। 

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जब नहीं पकड़ में आए तो किराए का कमरा लेकर कारखाना खोल लिया। इसके बाद एजेंटों का जाल फैला दिया। शहर से लेकर देहात तक दारू के अड्डों और पेट्रोल पंपों पर नकली नोट चलाए जा रहे थे।

गिरोह के सभी सदस्य 10 वीं और 12 वीं पास हैं। ओमकार झा को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसने एजेंटों का जाल बिछाया। शिवम प्रजापति नोटों की प्रिंटिंग और कटिंग का काम करता था।
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एजेंटों को शाम को ही नकली नोट की गड्डियां पहुंचा दी जाती थीं। वहां से बदले में असली नोट ले आते थे। किराए पर लिए कमरे में ही गिरोह के पांचों सदस्य हिस्सा बांटते थे। सभी नकली नोट पर 05 ए  सीरीज के नंबर डाले गए। यह असली नोटों की गड्डी से लिए गए थे।

अभी 11 एजेंटों के नाम सामने आए हैं। इनकी गिरफ्तारी पर और भी लोगों को आरोपी बनाया जा सकता है। एजेंटों ने आगे एजेंट रख लिए थे।

मां बोली, मुझसे कहता था लॉ कर रहा हूं
ओमकार की मां सदर बाजार थाना पहुंची। उसने पुलिस को बताया कि ओमकार घर से कहकर जाता था कि लॉ की पढ़ाई कर रहा है। वह पूछती थी कि किताबें कहां हैं? फीस कहां से आती है? कहता था, मैं खुद इंतजाम कर लेता हूं, तुम टेंशन मत लो। मां ने कहा कि उसने कभी जिक्र तक नहीं किया कि नकली नोटों का काम करता है। वह समझ रही थी कि किसी कारखाने में पार्ट टाइम जॉब करता होगा।

यमुना पार में भी हो चुका है खुलासा
जाली करेंसी का यह पहला मामला नहीं है। दो साल पहले एनआईए ने यमुना पार के सती नगर के फातिमा उर्फ लीची को गिरफ्तार किया था। वह जाली करेंसी को सब्जी मंडी में चलाती थी। मूल रूप से बांग्लादेश की थी। शादी केबाद यहां आई थी।

स्कूल बैग में रखकर ले जाते थे नकली नोट 
सदर बाजार से पकड़ा गया गिरोह जाली करेंसी को एजेंटों तक पहुंचाने के लिए स्कूल बैग का प्रयोग करता था। उसमें कुछ किताबें रखी जाती थीं। इनके नीचे नकली नोटों की गड्डियां होती थीं। ऐसा इसलिए किया जाता था कि अगर कहीं चेकिंग हो तो खुद को छात्र बताकर बच जाएं।

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