डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन स्थित आर्ट गैलरी में जी-20 के तहत लगी प्राचीन मुद्रा प्रदर्शनी में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में इसी वर्ष जारी एक रुपये का सिक्का 50 रुपये में बेचा गया। यह आकार में काफी छोटा है। वहीं, प्रदर्शनी में ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से वर्ष 1835 में जारी आधे आने के तांबे के सिक्के के साथ ब्रिटिश काल के सभी सिक्के प्रदर्शित किए गए हैं।
प्रदर्शनी में पंच मार्क सिक्का भी है। इसको प्रदर्शित करने वाले फिरोजाबाद के आकाश कुमार जौहरी ने बताया कि यह करीब 2600 वर्ष पहले जारी और सबसे पहला सिक्का है। यह 3.9 ग्राम वजनी और चांदी का सिक्का है। जी-20 के समन्वयक प्रो. लवकुश मिश्रा के समन्वय में आगरा न्यूमिस्मेटिक सोसाइटी की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई है।
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कुलदीप सिंह वर्मा की ओर से मिट्टी से बनाई गई सिलाई मशीन का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया है। यह देखने में असली लगता है। इसका बेस लकड़ी का है। इसे बिना किसी खांचे के हाथ से तैयार किया गया है।