मधुमेह, बीपी, थायरायड के मरीजों में अधिक दिक्कत
एसएन की कॉर्निया विशेषज्ञ डॉ. शेफाली मजूमदार ने बताया कि ड्राई आई सिंड्रोम की परेशानी संक्रमण से ठीक हुए उन लोगों में ज्यादा मिली, जो मधुमेह, थॉयरायड और उच्च रक्तचाप के मरीज हैं और दवाएं भी ले रहे हैं। ऐसे मरीजों को कृत्रिम आंसू डालने की ड्रॉप भी दी जा रही है। इन मरीजों की उम्र 50 साल से अधिक है। इस उम्र में सामान्य रूप से भी आंखों में नमी की कमी होने लगती है लेकिन संक्रमण के चलते दर अधिक रही।
ये बरतें सावधानी
- करकराहट, जलन और आंखों में सूजन पर विशेषज्ञ को दिखाएं।
- चिकित्सक के परामर्श पर आंखों में नियमित ल्युब्रिकेंट डालें।
- आंखों को रगड़े नहीं, इससे कार्निया पर जख्म हो सकते हैं।
- मोबाइल, कंप्यूटर समेत इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का कम इस्तेमाल करें।
(जैसा कि डॉ. हिमांशु यादव ने बताया)
आगरा में डेंगू का खतरा: एक संदिग्ध मरीज मिला, एसएन मेडिकल कॉलेज में बना 30 बेड का वार्ड