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Agra: यमुना जल की गुणवत्ता पर जताई गई चिंता, हाल सुधारने को होगी जल पंचायत

Tue, 18 Jun 2024 10:35 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ताजनगरी में एक बैठक में यमुना जल की गुणवत्ता पर चिंता जताई गई। हाल सुधारने के लिए जल पंचायत की जाएगी। आगरा की गंगाजल पर बढ़ती निर्भरता पर भी चिंता जताई गई। 
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यमुना नदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में सिविल सोसाइटी की हरियाली वाटिका में आयोजित बैठक में आगरा की गंगाजल पर बढ़ती निर्भरता और यमुना में दिनोंदिन कम हो रहे पानी के डिस्चार्ज पर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर चिंतन के लिए जल पंचायत का आयोजन जुलाई के प्रथम सप्ताह में किया जाएगा।

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अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत आगरा को 150 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होती है, जबकि महानगर को पेयजल आपूर्ति के लिए यमुना नदी के पानी का शोधन भी अनिवार्य है। अब गंगाजल पर ही निर्भरता कर दी गई है। यमुना जल के शोधन को न्यूनतम कर दिया गया है।

राजीव सक्सेना ने कहा कि यह चिंताजनक है कि यमुना का रॉ वाटर अब शोधन के योग्य भी नहीं रहा। ओखला बैराज से डिस्चार्ज किए जाने वाले यमुना जल को शोधन युक्त बनाने के लिए 150 क्यूसेक गंगाजल अपर गंगा कैनाल की मांट ब्रांच से हरनाल एस्केप के माध्यम से छोडा जाता है। यह व्यवस्था एक न्यायिक आदेश के तहत है, जिसमें बिना न्यायालय के संज्ञान में लाए न तो बदला जा सकता है और नहीं बंद किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि हरनाल एस्केप से मिलने वाले गंगाजल का इस्तेमाल मथुरा में यमुना नदी का लेवल ‘क्रूज’ मोटर चलित बड़ी नौका संचालन के लिए किया जा रहा है। इसके लिए ही आगरा के लिए छोड़े जाने वाले पानी का गोकुल बैराज से डिस्चार्ज कम कर दिया गया है। यह नीति के विरुद्ध है।

राजीव सक्सेना ने बताया कि इन्हीं मुद्दों पर जुलाई के प्रथम सप्ताह में जल पुरुष राजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जल पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर विनय अम्बा, विनोद दत्ता, राजेश कुमार, इरम आत्मीय, राम भारत उपाध्याय, असलम सलीमी, कांति नेगी, शैलजा शर्मा आदि मौजूद रहे।

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