औंछा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर में प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि पत्नी का वहां तैनात पुरुष स्टाफ ने दारू के नशे में प्रसव कराया, इससे मूत्र नली कटकर शौच नली एक हो गयी है। पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगे जाने की बात कही है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इसमें लापरवाह चिकित्साकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
थाना औंछा क्षेत्र के गांव नगला सलेही निवासी अनिल कुमार शाक्य ने शिकायत की है कि उसने अपनी पत्नी नेहा को प्रसव पीड़ा होने पर 19 जुलाई की रात्रि 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर पर भर्ती कराया था। आरोप है कि सीएचसी पर उससे प्रसव के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे गए। उसके पास तीन हजार रुपये थे। जो उसने सीएचसी पर तैनात हेमकांत, चंद्रभान, सुनीता को दिए। दो हजार रुपये बाद में देने की बात कही। आरोप लगाया है कि पत्नी का वहां तैनात पुरुष स्टाफ ने दारू के नशे में प्रसव कराया।
जब अनिल ने इसका विरोध किया तो उसे मरीज को बाहर ले जाने की धमकी दी गई। आरोप है कि सुबह जब वह पत्नी को लेकर घर चला तो डिस्चार्ज पेपर नहीं दिए और दो हजार रुपये की मांग की गई। घर आने पर जब पत्नी की तबियत खराब होने लगी तो उसने प्राइवेट अस्पताल में दिखाया तो पता चला कि डिलीवरी कराते समय लापरवाही हुई, जिससे मूत्र नली कटकर शौच क्रिया नली एक हो गयी है। जब इसकी शिकायत घिरोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ से की तो उन्होंने अनिल के फर्जी हस्ताक्षर करके मर्जी से मरीज को अस्पताल से ले जाने का लेटर थमा दिया।
शिकायती पत्र मिला है, जिसकी जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सही पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
डॉ. प्रवीन कुमार चिकित्साधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घिरोर