20 हजार के लालच में चुप बैठ रहे इंजीनियर
मानसून में जुलाई से सितंबर के बीच नगर निगम सड़कों की खुदाई की अनुमति नहीं देता। फिर भी रात के अंधेरे में पश्चिमपुरी, शास्त्रीपुरम, दयालबाग, शाहगंज समेत शहर में जगह-जगह टेलीकॉम कंपनियों की ओर से सड़कों की खुदाई जारी है। पूर्व पार्षद शिरोमणि सिंह का आरोप है कि मानसून में खुदाई के लिए नगर निगम के इंजीनियर 20 रुपये मीटर यानी 20 हजार रुपये प्रति किमी खुदाई के लिए वसूलते हैं।
हर जोन में कंपनियों की खुदाई पर इसीलिए निगम के इंजीनियर अपने आंख कान बंद किए रखते हैं। पूर्व पार्षद राहुल चौधरी के मुताबिक इमरजेंसी के काम के लिए वह अनुमति इस तरह देते हैं कि एक ही अनुमति को बार-बार कई जगह दिखाया जा सके। इस तरह पूरे शहर में खुदाई करते हैं।
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सर्वे न करने पर इंजीनियरों को नोटिस
नगर निगम के इंजीनियरों को दो सप्ताह पहले नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सड़कों के गड्ढे और रोड कटिंग की रिपोर्ट देने के लिए कहा था, लेकिन दो सप्ताह में नगर निगम के एक भी इंजीनियर ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। यह लापरवाही और अनुशासनहीनता तब है।
जब कमिश्नर रितु माहेश्वरी सड़कों के गड्ढे, खुदाई को लेकर नाराज हैं और जलनिगम के इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे चुकी हैं। मंगलवार को नगर निगम के मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता ने चारों जोन के इंजीनियरों को सर्वे रिपोर्ट दाखिल न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
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रोड कटिंग के मामले में एक भी इंजीनियर ने सर्वे नहीं किया है, न रिपोर्ट सौंपी है। रोड कटिंग की शिकायतें हैं, पर कार्रवाई और मॉनीटरिंग इन्हीं इंजीनियरों को करनी है। मेरे पास उन्होंने कोई रिकार्ड नहीं भेजा है। इसीलिए उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। -
बीएल गुप्ता, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
आंकड़े एक नजर में-
- 2500 किमी लंबी है ग्रीन गैस की लाइन
- 30 किमी खुदाई हाल में ही की गई
- 10 किमी लंबी सड़कें जलनिगम की बाकी
- 18 किमी लंबी सड़कें विश्व बैंक इकाई की बाकी
- 100 किमी लंबी सड़कें एयरटेल ने खोदीं
- 100 किमी लंबी सड़कें रिलायंस जिओ ने खोदीं