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यूपी: प्लॉट-घर खरीदने से पहले देख लें ये डॉक्यूमेंट, बाद में नहीं पड़ेगा पछताना, फ्रॉड से भी बच सकेंगे

Sun, 01 Oct 2023 10:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

यदि आप कोई प्लॉट या घर खरीदने जा रहे हैं, तो यह बेहद जरूरी है कि उसकी अच्छे से जांच पड़ताल कर लें। प्रॉपर्टी के मालिकाना हक और पेपर्स की भी पड़ताल जरूरी है। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि ग्राहकों को फ्लैट, फ्लोर, मकान या जमीन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 
 
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खून, पसीने की गाढ़ी कमाई से अपना घर खरीदने का सपना देख रहे हैं तो जरा संभल जाइये। सस्ते प्लॉट व घर के झांसे में आकर मेहनत की कमाई न गवाएं। शहर में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियां बन रही हैं। बिना मानचित्र स्वीकृति के अपार्टमेंट, डुपलेक्स से लेकर सस्ते घर बनाए जा रहे हैं। जिनमें फंस लोग रकम गंवा रहे हैं।

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खेतों में बन रही कालोनियों में 4 से 5 हजार रुपये प्रति वर्ग गज कीमत पर प्लॉट बिक रहे हैं। 15 से 20 लाख रुपये में दो से तीन कमरों के घर बनाए जा रहे हैं। जिन पर कभी भी आगरा विकास प्राधिकरण की गाज गिर सकती है। दूसरी तरफ दागी बिल्डरों के प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हुए हैं। जिनमें बुकिंग के बाद 10-10 साल से लोग कब्जे के लिए भटक रहे हैं। एडीए की रिपोर्ट के अनुसार 2021-22 से सितंबर 2023 तक 50 अवैध कॉलोनियां ध्वस्त हो चुकी हैं। जिनमें 500 से अधिक खरीदारों की रकम डूब गई। काॅलोनियां अवैध होने के कारण खरीदार कोई दावा भी नहीं कर पा रहे। डूबी रकम को वापस पाने के लिए लोग बिल्डर से लेकर एडीए व पुलिस थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

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बैंक से कर्ज लेकर बुरे फंसे खरीदार
घर खरीदने के लिए बैंक कर्ज दे रहे हैं। अवैध व अनाधिकृत कॉलोनियों में सस्ते प्लॉट, घर व फ्लैट खरीदार बुरे फंस रहे हैं। एक तरफ खरीदी गई प्रोपर्टी पर बुलडोजर चल रहा है। खरीदार हाथ मलते रह जाते हैं। दूसरी तरफ बैंक कर्ज की वसूली ब्याज सहित कर रहे हैं। ऐसी धोखधड़ी का सबसे ज्यादा शिकार सरकारी कर्मचारी हुए हैं।

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एप्रूव्ड में 25 से 30 हजार रुपये वर्ग गज कीमत
एक तरफ अवैध कॉलोनियों में 4 से 5 हजार रुपये वर्ग गज में प्लॉट बिक रहे हैं, दूसरी तरफ आगरा विकास प्राधिकरण से एप्रूव्ड कॉलोनियों में प्लॉट्स की कीमत 25 से 30 हजार रुपये वर्ग गज है। क्योकि इन कॉलोनियों में सीवर, पानी, पार्क, सड़क से लेकर सभी सुविधाएं होती हैं। जबकि अवैध कॉलोनियों में जनसुविधाओं के नाम पर खरीदारों को झांसा दिया जा रहा है।

खरीदने से पहले कर लें जांच
आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ ने बताया कि कोई भी प्लॉट, फ्लैट या प्रोपर्टी खरीदने से पहले एडीए में जांच कर लें। अधिकृत प्रोजेक्ट में ही रकम लगाएं। अवैध प्रोजेक्ट पर कार्रवाई होने पर एडीए की जिम्मेदारी नहीं। खरीदार स्वयं जिम्मेदार होता है।

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ये बिल्डर हैं रेरा के बकायेदार
- मैसर्स अंसल प्रोपर्टीज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर
- मैसर्स प्रेरणा कंस्ट्रक्शन प्रा. लि.
- मैसर्स गायत्री डेवलपवेल प्रा. लि.
- मैसर्स पुष्पांजलि हाईट्स कंस्ट्रक्शन प्रा.लि.
- मैसर्स श्रीजी इंफ्राहाउस प्रा.लि.
- मैसर्स दीक्षा हाउसिंग प्रा.लि.
- मैसर्स नालंदा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स लि.
( तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार)
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सस्ते प्लॉट-घर के लालच में गंवा रहे मेहनत की कमाई
केस-एक
- कालिंदी विहार, 80 फुट रोड पर 1500 वर्ग मीटर भूमि पर द्वारिका पुरम कॉलोनी बनाई जा रही थी। 5 हजार रुपये वर्ग गज में प्लॉट भी बुक हो गए। 21 जुलाई को एडीए ने अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। बुकिंग कराने वाले लोगों का पैसा फंस गया। अब बिल्डर के चक्कर काट रहे हैं।

केस-दो
- सुनारी में छह बीघा खेत पर बन रही अवैध कॉलोनी में सस्ते प्लॉट के लालच में 10 लोगों ने प्लॉट बुक करा दिए। चार सितंबर को एडीए ने कॉलोनी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। अब अवैध कॉलोनी में पैसा फंसाने वाले कोई दावा भी नहीं कर पा रहे।
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