डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है। अब कड़े निर्णय लेने का समय आ गया है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 89वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल कुल 77 विद्यार्थियों को 120 मेडल प्रदान किया। इसमें 51.67 फीसदी यानी 62 मेडल तो सिर्फ 19 विद्यार्थियों के ही नाम रहे। बाकी 58 विद्यार्थियों को एक-एक मेडल मिले। इस दौरान कुलाधिपति ने अपना संबोंधन भी दिया।
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उन्होंने कहा कि 2023-24 सत्र में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सबसे बाद में हो रहा है। मैंने कुलपति से कहा है कि नए सत्र का सबसे पहले आगरा विश्विद्यालय का समारोह होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा में बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप पर भी खुलकर बात की।
भाषण नहीं दिलवाने पर करने लगे विवाद
कहा कि मथुरा में हुए दीक्षांत समारोह में दो विधायक कार्यक्रम में बुलाए गए। उनको भाषण नहीं दिलवाने पर वह कुलपति से विवाद करने लगे। जबकि, दीक्षांत समारोह में विधायक का भाषण नहीं होता है। कहा कि विश्वविद्यालयों की स्थितियों बारे में पेपर में पढ़ती हूं तो दुख होता है। अब कड़े निर्णय लेने का समय आ गया है। उन्होंने युवाओं को मतदान करने के लिए भी प्रेरित किया।