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चंबल की बाढ़ः उमरैठापुरा में 40 घर आए थे जद में

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बाह। बाढ़ के बाद शांत हुई चंबल नदी कछार में बसे 28 गांवों में बर्बादी का निशान छोड़ गई हैं। सर्वे में नुकसान के आंकड़े सामने आ रहे हैं। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने उमरैठापुरा गांव का सर्वे किया। जहां बाढ़ में जद में आए 40 घर मिले।
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चंबल नदी तीन दिनों तक खतरे के निशान से करीब 5 मीटर ऊपर बही थी। इस दौरान क्षेत्र के 38 गांवों में पानी भर गया था। लोगों को गांव छोड़कर बीहड़ के टीलों पर शरण लेनीपड़ी थी। पानी घटने के बाद लोग घरों को लौट रहे हैं। इस दौरान कई लोगों के घर ही बाढ़ में जमींदोज हो चुके हैं।
सोमवार को उमरैठापुरा गांव में सर्वे के लिए राजस्व निरीक्षक अनिल प्रकाश और लेखपाल कार्तिकेय तोमर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया और दिखाया कि निचले इलाके के कच्चे मकान और झोपड़ियां बाढ़ के पानी में बह गई। उनके निशान मात्र बचे है। कुछ पक्के मकान भी टूट गए हैं। कई की दीवारें दरक गई हैं।
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राजकुमार, बली राम, शिवदयाल, मेघ सिंह, साहूकार, देवी राम, नत्थो देवी आदि ने बताया कि गांव में 200 परिवार रहते हैं। बाढ़ में पूरा गांव खाली हो गया था। राजस्व टीम ने बताया कि करीब 40 मकान बाढ़ की जद में आए हैं। खेतों में अभी पानी भरा हुआ है।
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