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हॉलमार्क और यूनिक आईडी का विरोध: आगरा में सराफा प्रतिष्ठान रहे बंद, व्यापारियों की फैसला वापस लेने की मांग

Tue, 24 Aug 2021 12:04 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

केंद्रीय वित्त मंत्री और उपभोक्ता कल्याण मंत्री से मिलने जाएंगे आगरा के व्यापारी, फैसला वापस लेने की मांग
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सराफा की बंद दुकान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्वैलरी पर हॉलमार्क और यूनिक आईडेंटिटी नंबर (एचयूआईडी) दर्ज कराने के आदेश के विरोध में शहर के सराफा प्रतिष्ठान सोमवार को बंद रहे। केंद्र सरकार द्वारा सोने, चांदी के दो ग्राम से ज्यादा वजन के आभूषणों पर एचयूआईडी दर्ज कराने के खिलाफ ताजनगरी के 12 हजार से ज्यादा सराफा व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। 

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सराफा एसोसिएशनों के आह्वान के बाद सोमवार को किनारी बाजार, जौहरी बाजार, नमक की मंडी, चौबेजी का फाटक, शाहगंज, राजपुर चुंगी, न्यू आगरा, बोदला, लोहामंडी समेत शहरभर में सराफा प्रतिष्ठानों के ताले नहीं खुले। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से यह फैसला वापस लेने की मांग की है।
सराफा एसोसिएशनों के मुताबिक देश में केवल 256 जिलों में हॉलमार्किंग सेंटर हैं। बाकी जिलों में जब सेंटर ही नहीं, तो कैसे हर ज्वेलरी पर नंबर दर्ज किया जा सकेगा। एक देश, एक कानून का पालन किया जाए।
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नमक की मंडी सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष राजू मेहरा के मुताबिक अगर हॉलमार्किंग सेंटर से ब्योरा लीक हो गया तो इससे ग्राहकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी। हॉलमार्क ज्वेलरी बेचने का कोई विरोध नहीं, पर नंबर की अनिवार्यता का फैसला गलत है और इसे वापस लेना चाहिए।

ज्वैलर्स की बंद दुकान - फोटो : अमर उजाला
चांदी की पायल का बड़ा केंद्र है आगरा
देश में सबसे ज्यादा चांदी की पायल बनाने का काम आगरा में है। राजकोट की जगह अब आगरा के पायल ब्रांड देशभर में छाप छोड़ रहे हैं। इस कानून से वही सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। सराफा कारोबारी सोने के दो ग्राम से ज्यादा के आभूषणों पर ही हॉलमार्किंग के समर्थन में हैं, लेकिन चांदी में एचयूआईडी का विरोध कर रहे हैं। लाखों जोड़ी पायल हर दिन आगरा में तैयार होती हैं। इसके अलावा चांदी के मंगलसूत्र, लौंग, बिछुआ, चेन, पाजेब, मूर्तियां, बर्तन आदि का बड़ा काम आगरा में है, जिसमें दो लाख से ज्यादा कारीगर जुड़े हैं, जिनमें से महिलाओं की संख्या ही 60 हजार से ज्यादा है। पूरे सराफा कारोबार से साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। 

बिल दे रहे हैं, यूनिक नंबर क्यों
हम लोग हॉलमार्किंग कई साल पहले से कर रहे हैं, पर असली विरोध तो एचयूआईडी का है, जिसमें बहुत सी कागजी बाध्यताएं हो जाएंगी जो गैर जरूरी हैं। जब हम बिल दे रहे हैं, तो यूनिक नंबर का क्या औचित्य है।  - राजेश हेमदेव, अध्यक्ष, आगरा ज्वेलर्स एसोसिएशन

ग्राहक को भी होंगी परेशानियां
एचयूआईडी के नुकसान को लेकर मंत्रियों और अधिकारियों से वार्ता कर चुके हैं, लेकिन मांगें पूरी नहीं की जा रहीं। केवल कारोबारी नहीं, बल्कि ग्राहक को भी इससे परेशानियां होंगी। - नितेश अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा सराफा एसोसिएशन
 
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एचयूआईडी नंबर का विरोध
हॉलमॉर्किंग नहीं, बल्कि एचयूआईडी नंबर का विरोध है। लाखों लोग इससे परेशान होंगे। यह व्यर्थ की कवायद होगी, जिसमें व्यापारी और ग्राहक दोनों का नुकसान हैं, लेकिन सरकार बेवजह इसे लागू करना चाहती है। - देवेंद्र गोयल, मंत्री, श्री सराफा कमेटी
 
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिलेंगे व्यापारी
सराफा एसोसिएशनों के प्रदेश बंद के समर्थन के बाद आगरा के सराफा व्यापारियों ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिलने का फैसला किया है। आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल के मुताबिक वह हॉलमार्क के लिए 5 अगस्त को वित्त राज्यमंत्री से मिल चुके हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। व्यापारी उपभोक्ता कल्याण मंत्री पीयूष गोयल से मिलेंगे और परेशानी बताएंगे। महामंत्री कन्हैया लाल राठौर, जय पुरसनानी ने बताया कि व्यापारी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से भी मिलने जाएंगे।
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