BJP Candidate List 2024: भाजपा की पहली सूची में कई दिग्गज नेताओं की सीट पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान नहीं किया गया। ऐसे में उनकी सीट फंसती दिख रही है। इनके लिए इनके ही बयान जी का जंजाल बनते दिख रहे हैं। अब इन्हें टिकट कटने का डर सता रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भाजपा ने शनिवार की शाम को प्रेस कांफ्रेंस करने की बात कही तो हलचल तेज हो गई। कयास लगाए जाने लगे। वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े मीडिया से रूबरू हुए तो कयास सही निकले। भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। इस बीच लोगों की निगाहें उन सीटों के ऐलान पर टिकी रहीं, जो पिछले वर्ष सर्वाधिक चर्चा में रहीं। इनमें से कुछ में तो नाम सामने आ गए। लेकिन, कई सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं हुई।
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इन सीटों को लेकर राजनीतिक पंडित अपने-अपने कयास लगा रहे हैं। भाजपा की पहली सूची में 195 उम्मीदवारों के नामों पर 34 केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। इसमें से कई लोग दोबारा या तीसरी बार चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में तीन दिन के भीतर भाजपा की दूसरी बैठक घंटों चली। इस दौरान नामों को लेकर बड़ी गहमागहमी रही।
प्रदेश की इन चर्चित सीटों पर इनकी मैदान में फिर से वापसी...
प्रदेश के चर्चित सीटों की बात करें तो राजधानी लखनऊ से राजनाथ सिंह, गोरखपुर से रवि किशन, गोंडा से कीर्तिवर्धन सिंह, आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव 'निरहुआ', खीरी से अजय मिश्रा 'टेनी' को फिर से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं अमेठी से राहुल गांधी को हराने के बाद संसद पहुंचने वालीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी फिर से उसी सीट से मैदान फतह करने को उतरेंगी।
ये सीटें फंसी...
वहीं सुल्तानपुर, पीलीभीत और कैसरगंज जैसी चर्चित सीटों पर भाजपा ने अभी प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं की है। बताते चलें कि सुल्तानपुर से मेनका गांधी और पीलीभीत से वरुण गांधी तो वहीं कैसरगंज से बृजभूषण शरण सिंह वर्तमान सांसद हैं।
अपनी ही सरकार से किया सवाल...
वरुण गांधी की बात करें तो वर्ष 2013 में पार्टी अध्यक्ष रहते राजनाथ सिंह ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए थे। वह भाजपा में अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय महासचिव रहे हैं। मोदी सरकार आने के बाद वरुण अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं। कभी किसान तो कभी बेरोजगारी पर वह खुले मंच से अपनी ही सरकार से सवाल करते नजर आते हैं।
महंगाई पर भी तेवर रहे तल्ख
यही नहीं महंगाई पर भी उनके तेवर तल्ख देखे गए हैं। अब सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा होने के बाद उनकी सीट पर अभी प्रत्याशी नहीं घोषित किया गया। इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं वरुण गांधी की मां मेनका गांधी, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्र में मंत्री बनाई गईं। लेकिन, मोदी 2.0 पर उन्हें स्थान नहीं मिला।
प्रियंका के लिए ठोकी ताल... खुद की सीट फंसी
पिछले वर्ष सबसे चर्चित नामों में बृजभूषण शरण सिंह का नाम शामिल है। वह वर्तमान में कैसरगंज सीट से सांसद हैं। WFI के अध्यक्ष रहते उन पर महिला पहलवानों ने शोषण के आरोप लगाए। पहलवानों ने धरना भी दिया। यह मामला पूरे देश में चर्चित रहा। इस दौरान उन्होंने प्रियंका गांधी को किसी भी सीट से चुनाव हराने तक की बात कही। लेकिन, अब उनकी ही सीट फंसी दिख रही है।
ऐसे में राजनीतिक पंडित अपने-अपने अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि भाजपा की पिछली रणनीतियों को देखा को जाए तो वह किसी के भी कयास से बिल्कुल हटकर रही हैं। अब इस बार देखना होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है। इन दिग्गजों की सीट बचती है या जाती है।