उत्तर प्रदेश की मथुरा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने लगातार तीसरी बार हेमा मालिनी पर दांव खेला है। भाजपा का दावा है कि हेमा जीत की हैट्रिक लगाएंगी। इस बार पांच लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज करेंगी। शनिवार शाम को पार्टी हाईकमान से टिकट का एलान होने के बाद तमाम कयासों पर विराम लग गया। इनमें सबसे बड़ी कायम रालोद के साथ गठबंधन और मथुरा सीट साझा को लेकर थी। वहीं, भाजपा के कुछ पदाधिकारी ही इस बात को भी बल दे रहे थे कि इस बार पार्टी ब्राह्मण-ठाकुर प्रत्याशी को टिकट दे सकती है।
मथुरा से हेमा मालिनी को टिकट देकर पार्टी ने जातिगत राजनीति में भरोसा न रखने का साफ संदेश दिया था। इधर, हेमा मालिनी ने खुद ही इच्छा जताई थी कि वह मथुरा से ही तीसरी बार चुनाव लड़ेंगी। वरना, कहीं से नहीं लड़ेंगी। पार्टी ने उनकी इच्छा का मान रखा है।
उम्र के बंधन को पार्टी ने नकारा
हेमा मालिनी बीते वर्ष ही 75 वर्ष की हुई हैं। मगर, उन्होंने इस उम्र में भी खुद के फीट होने की ताकीद मीराबाई पर हुए ब्रजरज महोत्सव में मीराबाई पर नृत्य नाटिका पेश कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कर दी थी। इसके बाद उन्होंने अयोध्या में भी अपनी प्रस्तुती दी। खुद हेमा भी सार्वजनिक रूप से यह कहती हैं कि उनके लिए उम्र सिर्फ एक संख्या है। वह ब्रज की सेवा के लिए तत्पर और स्वस्थ हैं।
रील से रियल तक हेमा का सफर
हेमा मालिनी को फिल्मों से लेकर राजनीतिक तक के सफर में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इनका वास्तविक नाम हेमा मालिनी चक्रवर्ती है। हेमा मालिनी का जन्म 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु में हुआ था। उनके पिता वीएसआर चक्रवर्ती और माता जयालक्ष्मी जो एक फिल्म प्रोड्यूसर थीं। हेमा ने अपनी पढ़ाई चेन्नई के आंध्र महिला सभा से की।
करियर की शुरुआत राज कपूर के साथ फिल्म सपनों का सौदागर से की। 1981 में इन्होंने अभिनेता धर्मेन्द्र से विवाह किया। हेमा मालिनी ने अपने चार दशक के सिने करियर में लगभग 150 फिल्मों में काम किया। 1999 में फिल्मफेयर के लाइफटाइम सम्मान से भी सम्मानित की गईं। सक्रिय राजनीति में हेमा मालिनी साल 2004 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुईं और फिर पार्टी के सहयोग से राज्यसभा की सदस्य भी बनीं।
2010 में वह भारतीय जनता पार्टी की महासचिव भी बनीं। वे भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से राज्यसभा की सांसद चुनी गईं थी। हेमा मालिनी वर्तमान में मथुरा (उत्तर प्रदेश) से लोकसभा की सांसद हैं। 2014 में हेमा मालिनी ने मथुरा से चुनाव लड़ा था। उस वक्त रालोद के जयंत चौधरी उनके सामने थे। हेमा ने उनको हराया था। इसके बाद 2019 में फिर से भाजपा की उम्मीदवार बनीं और रालोद के कुंवर नरेंद्र सिंह को चुनावी शिकस्त दी थी।
ड्रीम गर्ल के मथुरा को लेकर ड्रीम
सांसद उम्मीदवार हेमा मालिनी का कहना है कि अयोध्या में एयरपोर्ट बना है तो मथुरा में क्यों नहीं बन सकता। 2024 में लोकसभा में जीतकर जाने के बाद सबसे पहला काम मथुरा में एयरपोर्ट स्वीकृत कराना और उसके लिए बजट लाकर जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराना होगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वे राधा-कृष्ण की लीलाओं का एक ऐसा शो तैयार करना चाहती हैं, जो कि प्रतिदिन चलता रहे। दिल्ली से यमुना में गंदा पानी आता है। हथिनी कुंड से पानी हरियाणा में रोक लिया जाता है, इसे लेकर अब केजीरवाल सरकार से लड़ना भी पड़े तो लड़ूंगी। बंदरों की समस्या के निदान को लेकर प्रयासरत हूं।