बालों में कलर लगाना लोगों को भारी पड़ रहा है। त्वचा सेंसिटिव होने पर तत्काल असर पड़ता है। एलर्जी हो जाती है। कुछ मरीजों पर बालों को कलर करने का असर देर से दिखता है। बिना विशेषज्ञ की सलाह से खुद कलर लगाने पर मुंह में झांई पड़ जाती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र सिंह चाहर ने बताया कि हेयर कलर की वजह से सिर व त्वचा की एलर्जी वाले चार से पांच मरीज रोजाना ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि हेयर कलर में अमोनिया व पैरा फिनायलीनडाईमाइन (पीपीडी) होता है। इससे एलर्जिक रिएक्शन होता है। त्वचा सेंसिटिव होने पर हेयर कलर लगाने से चेहरे, गर्दन पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। होंठ व आंखों के नीचे सूजन आ जाती है। सिर में खुजली होने लगती है। जबकि कुछ ऐसे मरीज होते हैं, जिनमें एक से तीन वर्ष बाद असर होता है। चेहरे पर झांई पड़ जाती है। बाल झड़ने लगते हैं।
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रिएक्शन होने पर कलर लगाना बंद करें
डॉ. यतेंद्र सिंह चाहर का कहना है कि हेयर कलर लगाने के बाद रिएक्शन हो तो उसका इस्तेमाल तत्काल बंद कर देना चाहिए। नेचुलर मेहंदी लगाना चाहिए। एलर्जी पर होने पर मोइस्चराइजर लगाना चाहिए और एंटी एलर्जिक दवा ले सकते हैं। दिक्कत ज्यादा होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।