आगरा में लंपी संक्रमित गोवंश सड़कों से लेकर घने बाजारों में छुट्टा घूम रहे हैं। नगर निगम और पशु पालन विभाग की लापरवाही से एक तरफ वायरस फैल रहा है, तो दूसरी तरफ इलाज और आश्रय के अभाव में गोवंश मर भी रहे हैं। इन मौतों को सरकारी आंकड़ों में दर्ज तक नहीं किया जा रहा। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छुट्टा पशुओं को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 2.83 लाख गोवंश हैं। पशु पालन विभाग का दावा है कि 2.42 लाख गोवंश का टीकाकरण किया है। इधर, शहर में 18 हजार गोवंश छुट्टा है। निराश्रित होने के कारण सड़क से लेकर गलियों और बाजारों में कचरे के ढेरों पर मुंह मारने को मजबूर हैं। सरकारी व निजी गोशालाओं में महज आठ हजार गोवंश के आश्रय की व्यवस्था है। इस तरह 10 हजार गोवंश निराश्रित है।
मंगलवार को मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में जिलाधिकारी और नगरायुक्त को छुट्टा गोवंश को पकड़ कर गोशाला व आश्रय स्थलों में रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजयवीर चंद्रयाल ने बताया कि जिले में अब 3700 गोवंश में लंपी की पुष्टि हो चुकी है। 10 से 12 मर चुके हैं।
इधर, मारुति एस्टेट चौराहा स्थित सुलहकुल नगर, गोकुल नगर, मानस नगर और बोदला सब्जी मंडी, शाहगंज संगीता सिनेमा रोड, लोहामंडी, आजमपाड़ा में लंपी संक्रमित गोवंश घूम रहा है। क्षेत्रीय लोग भी गोवंश के बदन पर गांठे व घाव देखकर चिंतित हैं। उन्हें संक्रमण फैलने की आशंका सता रही है।