बांके बिहारी मंदिर में सजाया गया हिंडोला
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में हरियाली तीज पर श्रद्धालुओं ने स्वर्ण जड़ित हिंडोले में ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन किए। अपने आराध्य के इस रूप में दर्शन पाकर श्रद्धालु धन्य हो गए। पहली बार बिहारी जी अपने भक्तों को 12 घंटे झूले में दर्शन देंगे।
प्रातकालीन झूले में दर्शन देने संबंधी निर्णय सोमवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन ने दिया। कोर्ट द्वारा राजभोग तथा शयन भोग की सेवा समय में भी परिवर्तन किया गया है। इसके बाद मंदिर में स्वर्ण हिंडोला सजाया गया।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में राजभोग सेवायतों द्वारा मंगलवा की सुबह चार बजे से स्वर्ण हिंडोला सजाये जाने की तैयारियां शुरू कर दी गई। बांकेबिहारी हरे रंग की पोशाक धारण कर स्वर्ण हिंडोले में विराजे।
अद्भत रूप में दिए दर्शन
बांके बिहारी मंदिर में सजाया गया फूल बंगला
हरे रंग की पोशाक में जरी, गोटा, सोने चांदी का जड़ाव के साथ नगों को भी लगाया गया है। ठाकुरजी को पूर्ण स्वर्ण आभूषण धारण कराए गए। भक्तों ने स्वर्ण हिंडोले एवं सुख सेज के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया
बता दें कि बिहारी जी के जगमोहन से दर्शन देने संबंधी याचिका 23 दिसंबर 2002 को मथुरा कोर्ट में दी गई थी। इसे 2003 में हाईकोर्ट द्वारा स्टे कर दिया गया था। अब पुन: हाईकोर्ट ने इससे स्टे हट दिया।
स्टे हटने के बाद राजभोग और शयन भोग पक्ष ने मंदिर में स्वर्ण हिंडोले संबंधी दर्शन व्यवस्था बनाने के लिए प्रार्थना पत्र सिविज जज जूनियर डिवीजन दुर्गेश नंदिनी की कोर्ट में दिया।
बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन को उमड़े भक्त
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रात: छह बजे सेवायत मंदिर में प्रवेश करेंगे। 7:50 बजे हिंडोले में श्रृंगार के दर्शन कपाट खुलेंगे। 7:55 बजे श्रृंगार आरती होगी। प्रात: आठ बजे राजभोग सेवा प्रारंभ होगी।
दोपहर 1:55 बजे राजभोग आरती होगी। तीन बजे सेवायत मंदिर गर्भगृह से बाहर आ जाएंगे। सायं चार बजे से पुन: शयन भोग सेवायत मंदिर में प्रवेश करेंगे। पांच बजे सायंकालीन दर्शन खुलेंगे।
रात्रि 10:55 बजे शयन आरती होगी। इस संबंध में मंदिर के उप प्रबंधक उमेश सारस्वत ने कहा है कि सिविल जज जूनियर डिवीजन के आदेशानुसार दर्शन समय में परिवर्तन किया गया है। जो आदेश मिला है उनका अनुपालन होगा।
दर्शन की नवीन व्यवस्था
प्रातकालीन सेवा: प्रात: छह बजे सेवायत मंदिर में प्रवेश
प्रात: 7:5 बजे हिंडोले में श्रृंगार के दर्शन
प्रात: 7:55 बजे श्रृंगार आरती
प्रात 8:00 बजे राजभोग सेवा प्रारंभ
दोपहर 1:55 बजे राजभोग आरती
दोपहर तीन बजे सेवायत मंदिर गर्भगृह से बाहर
सायंकालीन सेवा
सायं चार बजे शयन भोगसेवायत का मंदिर में प्रवेश
सायं पांच बजे सायंकालीन दर्शन खुलेंगे
रात्रि 10:55 बजे शयन आरती