10 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रशासन ने बैंक कर्मचारियों, अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इसका असर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दिन तो पड़ा ही, मतदान दिवस के आसपास पांच दिन तक बैंक बंद रह सकते हैं।
शहर से देहात तक के बैंकों के अधिकतर कर्मचारी शनिवार को चुनाव प्रशिक्षण के लिए गए। इससे करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। लोग कामों के लिए बैंक शाखाओं पर पहुंचे पर वहां हाथ से लिखा गया एक नोटिस चस्पा मिला। जिस पर लिखा हुआ था कि कर्मचारी चुनावी प्रशिक्षण पर गए हुए हैं, इसलिए कामकाज बंद रहेगा।
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आधा शटर बंद कर केवल एक कर्मचारी ही बैंक के अंदर मौजूद रहा, जो जरूरी कामकाम निपटाता रहा, लेकिन ग्राहकों की सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। स्टेट बैंक की कुछ शाखाओं को छोड़कर सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारियों को चुनावी प्रशिक्षण में भेजने के कारण बैंक शाखाओं पर लेनदेन और बैंकिंग कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया। इससे ग्राहक परेशान रहे।
करकुंज स्थित केनरा बैंक की शाखा में लोग काम के लिए पहुंचे, लेकिन यहां कर्मचारी नहीं थे। गेट पर चुनाव प्रशिक्षण में जाने की जानकारी लिखी हुई थी। यही हाल आवास विकास कॉलोनी स्थित केनरा बैंक शाखा का था। लोहामंडी की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में आधा शटर बंद कर ग्राहकों के अंदर आने पर रोक लगा दी गई। गेट पर खड़े सुरक्षा गार्ड ग्राहकों को यह कहकर मना करते रहे कि अब सोमवार को आना। मंडी समिति स्थित पंजाब नेशनल बैंक में भी ग्राहक सेवाएं ठप रहीं।
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जिन पर बैंक की दोनों चाबियां, उनकी भी लगी ड्यूटी
चुनावी ड्यूटी में इस बार बैंकिंग कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है। करीब 5200 कर्मचारी ड्यूटी पर रहेंगे। बीते चुनाव में बैंक का 50 फीसदी स्टाफ ही चुनावी ड्यूटी पर रहता था, लेकिन इस बार 90 फीसदी से ज्यादा बैंक कर्मचारी चुनावी ड्यूटी पर रहेंगे। बैंक खोलने के लिए दो चाबियां रहती हैं। इस बार दोनों ही कर्मचारियों को चुनाव में पीठासीन अधिकारी बनाकर भेजा गया है। ऐसे में चुनाव के समय बैंकों की ऐसी शाखाओं पर ताले ही लगे रहेंगे। बैंकों के महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक, क्षेत्रीय कार्यालयों का पूरा स्टाफ चुनावी ड्यूटी में लगा दिया गया है।
पांच दिन तक बंद रहेंगे बैंक
10 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए प्रशासन ने बैंक कर्मचारियों, अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इसका असर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दिन तो पड़ा ही, मतदान दिवस के आसपास पांच दिन तक बैंक बंद रह सकते हैं। नौ फरवरी को चुनावी ड्यूटी केलिए बैंक कर्मचारी पहुंचेंगे, जबकि 10 फरवरी को मतदान होगा। देर रात तक चुनावी ड्यूटी से लौटने पर अगले दिन 11 को कर्मचारी अवकाश पर रहेंगे। 12 फरवरी को द्वितीय शनिवार और 13 फरवरी को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में पूरे पांच दिनों तक बैंकिंग कामकाज ठप रह सकता है। पहली बार लगी पूरे स्टाफ की ट्यूटी
पहली बार पूरे बैंक स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में बैंकिंग कामकाज कै से हो पाएगा। ब्रांच मैनेजर, एटीएम कैश आदि जरूरी व्यवस्थाएं देखने वालों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए। कोई भी चुनावी ड्यूटी करने से मना नहीं कर रहा, पर कम से कम जरूरी स्टाफ तो रहे। अन्यथा पांच दिन तक बैंकिंग कामकाज पर असर पड़ना तय है। - अंकित सहगल, महासचिव, केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन कैसे काम करेंगे बैंक और एटीएम
एटीएम में कैश डलवाने की जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी है, उन्हें भी पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। वह चुनाव ड्यूटी करेंगे तो बैंक, एटीएम कैसे काम करेंगे। पिछले चुनाव में ऐसी गड़बड़ी नहीं थी। पति और पत्नी दोनों बैंक कर्मियों की ड्यूटी लगी है, जबकि किसी एक की काटनी चाहिए थी। - शैलेंद्र झा, संयुक्त सचिव
कामकाज पर पड़ेगा असर
पहली बार महाप्रबंधक, उपमहाप्रबंधक तक की ड्यूटी लगाई हैं। शाखाओं से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों तक के कामकाज पर इसका असर पड़ेगा। चुनाव राष्ट्र का काम है, इसलिए चुनावी ड्यूटी से कोई इनकार नहीं कर सकता, पर अन्य काम भी चलते रहें, इसका भी तो ख्याल रहे। पांच दिन तक इससे बैंक प्रभावित रहेंगे। - सुरेश चंद्र, सहायक सचिव, बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सॉफ्टवेयर अपडेट न होने से लटके चेक
21 जनवरी से 24 जनवरी तक बैंक ऑफ इंडिया की सभी शाखाओं में बैंकिंग सॉफ्टवेयर अपडेट किए जाने का काम होना था, लेकिन यह अब तक नहीं हो सका। शनिवार को भी सॉफ्टवेयर अपडेट होने का काम जारी रहा, जिस वजह से 21 जनवरी से शनिवार तक हजारों चेक क्लियर होने से अटके हुए हैं। बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में ग्राहकों ने जो चेक क्लीयरेंस के कारण भेजे हैं, उनमें से किसी का भी भुगतान नहीं हो पाया। इसके अलावा बैंक ग्राहकों के नाम अपडेट होने, एकाउंट में गलत जानकारियों में सुधार आदि के काम अटके हुए हैं। दस दिनों से सॉफ्टवेयर अपडेट न होने के कारण समस्या बरकरार है।