लिखित परीक्षा ऑनलाइन नहीं बल्कि विभिन्न शहरों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर होगी। फार्म भरते समय लिखित परीक्षा के लिए विद्यार्थी अपनी सुविधानुसार शहर का चयन कर सकेंगे। इसके लिए 55 शहरों का विकल्प फार्म में दिया गया है।
पिछली बार की तरह इस बार भी नौवीं और 10वीं के प्रादेशिक बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 30-30 हजार रुपये की 18 छात्रवृत्तियां और 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए 50-50 हजार रुपये की 18 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी।
छात्रवृत्ति की परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रादेशिक शिक्षा बोर्ड से नवीं से 12वीं कक्षा तक में पढ़ने वाले और पिछली वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी अंक पाने वाले वह विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय डेढ़ लाख रुपये से कम हो। आवेदन केवल ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे। पात्र पाए गए विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड भी ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे।
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी सामान्य परिवार से थे। छात्रवृत्ति पाकर पढ़ाई की और समाज के अग्रणी पंक्ति में खड़े हुए। छात्रवृत्ति विद्यार्थियों के मंजिल की राह आसान कर सकती है।
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि गरीब परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति संजीवनी की तरह होती है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में न केवल आर्थिक मदद मिलती है बल्कि उसे प्रोत्साहन मिलता है। सैकड़ों-हजारों छात्रों के बीच से चुने जाने पर उसका मनोबल बढ़ता है।
वर्ष 2017 की परीक्षा में चयनित छात्र दीपेंद्र कुंतल ने कहा कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के रूप में पढ़ाई के लिए एक उम्मीद मिली। आत्मविश्वास बढ़ा है। विद्यालय में हमारा उदाहरण दिया जाने लगा है। जूनियर छात्र आगामी परीक्षा के संबंध में जानकारी हासिल कर रहे हैं।