टीम ने सबसे पहले खोदाई में मूर्तियां मिलने वाले स्थान की पड़ताल की। सदस्यों ने गड्ढे में नीचे उतरकर मिट्टी को हटाते हुए परतें देखीं। साथ ही इसके फोटो लिए। दरगाह से इसकी दूरी नापी। इसके बाद पास के एक खेत में टीम पहुंची। करीब 20 फुट दूरी पर स्थित यह खेत दरगाह और खोदाई स्थल से कितना नीचा है, इसकी जांच की।
इससे पता लग सकेगा कि दरगाह पर मिट्टी की कितनी परतों से ऊंचाई हुई है। सबसे बाद में टीम निकली हुई मूर्तियों को देखने पहुंची। पैमाने से इनकी हर कोण से नाप ली। मौजूद ग्राम प्रधान व अन्य लोगों से पूछा कि कितनी बार मूर्ति पर चोला चढ़ाया है? मूर्तियों के फोटो भी लिए। पड़ताल पूरी कर करीब 1.50 बजे टीम आगरा के लिए रवाना हो गई।
बनवाई जाएगी ढाई फीट की दीवार
ग्राम प्रधान शीलेंद्र सिंह ने बताया कि मूर्तियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाएंगे। अभी यह विश्राम गृह के खुले चबूतरे में रखी हैं। इसके चारों ओर करीब ढाई फुट ऊंची दीवार का निर्माण कराया जाएगा। जिससे मूर्तियां सुरक्षित रहें।
एएसआई आगरा की उपाधीक्षक सुनीता तेवतिया ने बताया कि डीएम एटा का पत्र मिला था, जिसके आधार पर जलेसर में दरगाह स्थल का सर्वेक्षण किया है। वहां की भौगोलिक स्थिति, मिट्टी, आसपास के क्षेत्र, मूर्तियों आदि की जांच की। सभी के फोटो लिए हैं और लोगों से पूछताछ की है। आगरा में इन पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। संभवत: एक सप्ताह में हम अपनी रिपोर्ट दे देंगे।