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टीला माईथान मामलाः चिन्हित किए गए 39 घरों में लगाए गए लाल निशान, खाली कराए गए, तोड़ने के लिए बुलाई गई सेना

Sun, 29 Jan 2023 11:15 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा के टीला माईथान में धर्मशाला की खुदाई करते समय घर भरभराकर गिर गए। इसके बाद इलाके के 39 और घरों पर खतरा मंडरा रहा है। इन्हें गिराने के लिए सेना बुलाई गई है।  
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30 परिवारों के सामने आश्रय का संकट गहराया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में धर्मशाला की खुदाई करते समय तीन घर व मंदिर धराशाई हो गया। हादसा टीला माईथान क्षेत्र में हुआ। यहां आसपास के 39 मकानों को तोड़ने के लिए पुलिस प्रशासन ने लाल निशान लगा दिए हैं। मकान तोड़ने के दौरान सेना मौजूद रहेगी। इससे पहले घरों को खाली कराया जा रहा है। इनमें रहने वाले लोगों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जा रहा है। 
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इन मकानों को कैसे तोड़ा जाएगा ? इस पर अधिकारी मंथन करने में लगे हुए हैं। रविवार को पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ सैन्य अधिकारियों को बुलाया गया। सभी ने मोहल्ले में प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। मकानों को तोड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

26 जनवरी को सिटी स्टेशन रोड पर राय बहादुर विशंभरनाथ धर्मशाला में बेसमेंट की खुदाई के दौरान हादसा हुआ था। तीन मकान ढह गए थे, जबकि एक मंदिर भी गिर गया था। मकान मुकेश शर्मा, प्रवीन शर्मा और मनोज वर्मा के थे। यह मकान अभी पूरी तरह से नहीं गिरे हैं। इनको गिराया जाना बाकी है, जिससे किसी तरह का हादसा नहीं हो। दो और मकान प्रभावित हुए हैं। इनमें भी दरार आ गई हैं। हादसे में एक बच्ची की मौत हो गई थी।

प्रशासन की टीम ने मकानों को चिह्नित किया

हादसे के बाद मोहल्ले के कई मकान के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसको देखते हुए पुलिस ने प्रशासन की टीम ने मकानों को चिह्नित किया। इसके बाद लाल निशान लगा दिए गए। जो मकान जर्जर हैं। उनको खाली करने के लिए बोल दिया गया है। तकरीबन 39 मकान खाली कराए जाने हैं। इनमें से 15 से अधिक मकान छोड़कर लोग आश्रय गृह या फिर अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। बाकी को भी खाली कराया जा रहा है, ताकि मकान गिराने के दौरान किसी तरह की जनहानि न हो।
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हादसे के बाद लोगों में दहशत का माहौल है - फोटो : अमर उजाला
रविवार को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने सैन्य अधिकारियों को बुलाया। सभी ने धर्मशाला से लेकर मोहल्ले में दोनों तरफ से मकानों का निरीक्षण किया। यह देखा गया कि आगे से मकान तोड़े जाएंगे तो पीछे वाले कितने मकानों को नुकसान होगा। 

सेना करेगी हर संभव मदद

सेना पुलिस के हवलदार जीपी सिंह ने बताया कि सेना की 50 आई पैरा ब्रिगेड की ओर से नियुक्त किए गए सेना पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक कर्नल आशीष चौहान, 411 पैरा इंजीनियर और उनकी टीम ने ग्राउंड जीरो का निरीक्षण किया है। वरिष्ठ अधीक्षक कर्नल आशीष चौहान क्वालीफाई इंजीनियर और आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ हैं। सेना जिला प्रशासन की मदद के लिए तैयार है। टीला माईथान में मकानों को ढहाने के लिए मेनपावर, उपकरण, तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि यह कार्य जल्द से जल्द हो सके।

सबसे पहले मिट्टी डाली जाएगी

  • धर्मशाला में बेसमेंट की खुदाई थी। इस तरफ से मकानों की तरफ मिट्टी डाली जाएगी, ताकि मजदूर काम कर सकें।
  • गिट्टी या रेत से भरी 50 हजार से अधिक बोरियां लगाई जाएंगी, ताकि काम हो सके।
  • हादसे में टूटे हुए मकानों को सबसे पहले पूरी तरह से गिराया जाएगा।
  • इसके बाद 30 मीटर के दायरे में आने वाले मकानों का नंबर आएगा।
  • एडीए, नगर निगम, मेट्रो रेल कार्पोरेशन के चीफ इंजीनियर की राय ली जाएगी।
  • सेना के अधिकारियों की राय ली गई है।
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