हादसे के बाद लोगों में दहशत का माहौल है
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रविवार को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने सैन्य अधिकारियों को बुलाया। सभी ने धर्मशाला से लेकर मोहल्ले में दोनों तरफ से मकानों का निरीक्षण किया। यह देखा गया कि आगे से मकान तोड़े जाएंगे तो पीछे वाले कितने मकानों को नुकसान होगा।
सेना करेगी हर संभव मदद
सेना पुलिस के हवलदार जीपी सिंह ने बताया कि सेना की 50 आई पैरा ब्रिगेड की ओर से नियुक्त किए गए सेना पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक कर्नल आशीष चौहान, 411 पैरा इंजीनियर और उनकी टीम ने ग्राउंड जीरो का निरीक्षण किया है। वरिष्ठ अधीक्षक कर्नल आशीष चौहान क्वालीफाई इंजीनियर और आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ हैं। सेना जिला प्रशासन की मदद के लिए तैयार है। टीला माईथान में मकानों को ढहाने के लिए मेनपावर, उपकरण, तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि यह कार्य जल्द से जल्द हो सके।
सबसे पहले मिट्टी डाली जाएगी
- धर्मशाला में बेसमेंट की खुदाई थी। इस तरफ से मकानों की तरफ मिट्टी डाली जाएगी, ताकि मजदूर काम कर सकें।
- गिट्टी या रेत से भरी 50 हजार से अधिक बोरियां लगाई जाएंगी, ताकि काम हो सके।
- हादसे में टूटे हुए मकानों को सबसे पहले पूरी तरह से गिराया जाएगा।
- इसके बाद 30 मीटर के दायरे में आने वाले मकानों का नंबर आएगा।
- एडीए, नगर निगम, मेट्रो रेल कार्पोरेशन के चीफ इंजीनियर की राय ली जाएगी।
- सेना के अधिकारियों की राय ली गई है।