एक फैक्टरी में प्रतिदिन नींद की ढाई लाख गोलियां बनाई जा रही थी। कफ सिरप भी बड़ी मात्रा में बनते मिले। बांग्लादेश तक यह कारोबार फैला हुआ था। एएनटीएफ के सीओ इरफान नासिर खान ने बताया कि आगरा में तीन जगह चिह्नित की गई हैं। इनमें कमला नगर, फुव्वारा बाजार और जगदीशपुरा शामिल हैं। कारोबारी पहले एक दुकान का लाइसेंस अपने नाम से लेते हैं। इसके बाद परिचित-रिश्तेदार के नाम पर दूसरा लाइसेंस लेते हैं।
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इस लाइसेंस के माध्यम से ही अवैध तरीके से कारोबार किया जाता है। कंपनी दवा की सप्लाई देने के दौरान कोई जांच नहीं करती हैं। इस वजह से कितना भी स्टाक भेजा जा रहा है। अब फोर्स यह पता कर रही है कि शहर के इन इलाकों में हाल में कौन दवा व्यापारी करोड़पति बना है। उसने गोदाम कहां बना रखे हैं? दवा कंपनियां माल की सप्लाई किन-किन दवा विक्रेताओं को रहे हैं।
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सब कुछ मिल रहा नकली
शहर में कई बार नकली माल पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने दो साल पहले मोबिल आयल नकली बनते पकड़ा था। मामले में छह से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए। आरोपियों को जेल भेजा गया। गैंगस्टर की कार्रवाई कर आरोपियों की संपत्ति तक जब्त की गई।
इसके अलावा कपड़े, जूते, दूध, घी, सीमेंट, सैनिटाइजर, उपकरण, ऑटो पार्टस तक नकली मिल चुके हैं। स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले में कार्रवाई नहीं कर पाता। जिन कंपनी के नाम से माल तैयार किया जाता है, उन कंपनी की जांच टीम की सूचना पर पुलिस कार्रवाई करती है।
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