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आगरा में नकली की भरमार: फल-फूल रहा नशे का कारोबार, पकड़ी गई थी पांच करोड़ की दवा, बांग्लादेश तक फैली जड़ें

Wed, 12 Jul 2023 11:09 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में नकली सामान की भरमार है। यहां नशे की दवाओं का कारोबार भी फल-फूल रहा है। हाल ही में पांच करोड़ की नकली दवाएं पकड़ी गई थी। कारोबारियों की जड़ें बांग्लादेश तक फैली हैं।
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नकली दवा (सांकेतिक) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में नकली-नशे की दवाओं का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। इसके बावजूद दवाओं का लाइसेंस जारी करने वाला स्वास्थ्य विभाग ही नहीं पुलिस भी नींद से नहीं जाग रही है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जगदीशपुरा और सिकंदरा में फैक्टरी पकड़ने के बाद नकली व नशे की दवाओं के तीन ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। इन इलाकों के बड़े कारोबारियों पर नजर रखी जा रही है। 

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इनके अवैध कारोबार से जुड़े होने के इनपुट के बाद टीम सक्रिय हो गई है। बिचपुरी में एक साल से फैक्टरी संचालित थी। सिकंदरा में भी छह महीने से फैक्टरी चल रही थी। अब सवाल उठता है कि पुलिस का स्थानीय सूचना तंत्र क्या कर रहा था ? स्वास्थ्य विभाग की टीम कहां थी ? एएनटीएफ ने छापेमारी की। इसके बाद करोड़ों का अवैध कारोबार पकड़ा गया।

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एक फैक्टरी में प्रतिदिन नींद की ढाई लाख गोलियां बनाई जा रही थी। कफ सिरप भी बड़ी मात्रा में बनते मिले। बांग्लादेश तक यह कारोबार फैला हुआ था। एएनटीएफ के सीओ इरफान नासिर खान ने बताया कि आगरा में तीन जगह चिह्नित की गई हैं। इनमें कमला नगर, फुव्वारा बाजार और जगदीशपुरा शामिल हैं। कारोबारी पहले एक दुकान का लाइसेंस अपने नाम से लेते हैं। इसके बाद परिचित-रिश्तेदार के नाम पर दूसरा लाइसेंस लेते हैं। 

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इस लाइसेंस के माध्यम से ही अवैध तरीके से कारोबार किया जाता है। कंपनी दवा की सप्लाई देने के दौरान कोई जांच नहीं करती हैं। इस वजह से कितना भी स्टाक भेजा जा रहा है। अब फोर्स यह पता कर रही है कि शहर के इन इलाकों में हाल में कौन दवा व्यापारी करोड़पति बना है। उसने गोदाम कहां बना रखे हैं? दवा कंपनियां माल की सप्लाई किन-किन दवा विक्रेताओं को रहे हैं।

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सब कुछ मिल रहा नकली

शहर में कई बार नकली माल पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने दो साल पहले मोबिल आयल नकली बनते पकड़ा था। मामले में छह से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए। आरोपियों को जेल भेजा गया। गैंगस्टर की कार्रवाई कर आरोपियों की संपत्ति तक जब्त की गई। 

इसके अलावा कपड़े, जूते, दूध, घी, सीमेंट, सैनिटाइजर, उपकरण, ऑटो पार्टस तक नकली मिल चुके हैं। स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले में कार्रवाई नहीं कर पाता। जिन कंपनी के नाम से माल तैयार किया जाता है, उन कंपनी की जांच टीम की सूचना पर पुलिस कार्रवाई करती है।

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विजय गोयल नहीं आया हाथ

नकली दवा फैक्टरी के सरगना विजय गोयल के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए हैं। सात आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। मगर, सरगना हाथ नहीं आया है। घर पर ताला लगा हुआ है। पुलिस ने आगरा के अलावा मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़ में दबिश दी है। पुलिस उसके रिश्तेदार और परिचितों के यहां भी दबिश दे चुकी हैं। मगर, वो वहां भी नहीं पहुंचा है।
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