मैनपुरी। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ ने सोमवार को एक बालिका को उसकी मां की सुपुर्दगी में दे दिया है। बालिका पिता की डांट से नाराज होकर बालिका दिल्ली से बुधवार रात बेवर पहुंच गई थी। बेवर पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों ने बालिका को बाल कल्याण समिति में बृहस्पतिवार को पेश किया।
दिल्ली के नागलोई क्षेत्र की 10 वर्षीय बालिका बुधवार रात बेवर बस स्टैंड पर लोगों को लावारिस हालत में मिली। इस पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस बालिका को थाने ले आई। पूछताछ में बालिका ने बताया कि उसकी मां अक्सर बीमार रहती हैं। बुधवार को पिता ने उसे काम में मां हाथ बंटाने को कहा। अनसुना करने पर उसे डांट दिया।
इससे नाराज होकर वह घर से निकल और बस में बैठकर बेवर पहुंच गई। पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन सहित बालिका के माता-पिता को सूचना दी। बृहस्पतिवार को पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन ने बालिका को बाल कल्याण समिति न्यायपीठ के समक्ष पेश किया। इधर, बालिका के परिजन भी पहुंच गए। बालिका की मां ने उसे सुपुर्दगी में देने की मांग की। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ की अध्यक्ष मंजू चतुर्वेदी ने बालिका से पूछताछ की।
उसने अपनी गलती मानकर मां के साथ जाने की इच्छा जताई। जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह की मौजूदगी में बाल कल्याण समिति ने बालिका को मां की सुपुर्दगी में दे दिया। समिति सदस्य रानू द्विवेदी, अरुंधती पांडेय, डॉक्टर लक्ष्मीराज सिंह, रवींद्र सिंह, कार्यालय प्रभारी ऋषि कुमार मौजूद रहे।