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अमर उजाला इम्पैक्ट: रामबाबू पराठे वाले की पत्नी सुमित्रा को मिलेगा न्याय! राज्य महिला आयोग ने डीएम को भेजा नोटिस  

Thu, 31 Mar 2022 01:38 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

रोटी के लिए मोहताज रामबाबू पराठे वाले की पत्नी सुमित्रा की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद राज्य महिला आयोग ने मामला संज्ञान में लिया है। राज्य महिला आयोग ने आगरा डीएम नोटिस भेजकर विस्तृत जांच आख्या मांगी है। 
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रामबाबू पराठे वाले की पत्नी सुमित्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोटी के लिए मोहताज रामबाबू पराठे वाले की पत्नी सुमित्रा की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है। पीड़ित की समस्या का निस्तारण कराने व विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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हालातों से जूझ रही सुमित्रा आगरा के प्रसिद्ध रामबाबू पराठे वाले की पत्नी हैं। आर्थिंक तंगी के कारण दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज है। छत से गिरकर घायल बेटे का उपचार एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं, धर्मार्थ संस्था से रोटी लेकर पेट भरती है। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने सुमित्रा के हालात प्रकाशित किए। आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित ने बताया कि मामला बहुत संवेदनशील है। 

आयोग को अवगत कराने पर जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह को लखनऊ से नोटिस भेजा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आख्या उपलब्ध कराने, पीड़ित की मदद और कृत कार्यवाही से तत्काल आयोग को अवगत कराने के आदेश दिए हैं। मंगलवार को सोशल मीडिया पर सुमित्रा के वीडियो वायरल हुए थे। जिसके बाद मामला सुर्खियों में आया। महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित ने कहा अमर उजाला जन सरोकारों की पत्रकारिता करता है। खबर का स्वत: संज्ञान लेते हुए महिला की हर संभव मदद की जाएगी।

रिश्तेदारों ने आरोपों को बताया निराधार

सुमित्रा ने रिश्तेदारों पर दुकान हड़पने के आरोप लगाए थे। इस संबंध में पारिवारिक सदस्य चंद्रमोहन खंडेलवाल एवं बबलू खंडेलवाल ने बुधवार को अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि रामबाबू जी का देहांत 1983 में हुआ था। 1986 में पारिवारिक सदस्यों के बीच आपसी बंटवारे का समझौता हो चुका है। उसके बाद सुमित्रा अपने बच्चों के साथ अलग रहती हैं। किसी प्रकार का लेना-देना बाकी नहीं रहा है। मानवीय आधार पर 29 मार्च को 15 हजार रुपये दिए थे। समय-समय पर बीमारी, शादी व अन्य में सहयोग किया है। आरोप निराधार और छवि को धूमिल करने वाले हैं। इसमें किसी का षड्यंत्र हो सकता है।

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