रेलवे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए यमुना ब्रिज के पास 1.05 करोड़ रुपये कीमत की 700 वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई है। इस जमीन पर कब्जा कर मकान बना लिए गए थे, जिन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
रेलवे ने पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर बुधवार को यमुना ब्रिज रेल सेक्शन स्थित मोती महल में 13 मकान ध्वस्त कर दिए। रेलवे ने 1.05 करोड़ रुपये कीमत की 700 वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई है। मकान ध्वस्त करने का लोगों ने विरोध किया, परंतु भारी पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक नहीं चली।
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रेलवे के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने छत्ता पुलिस व एसडीएम की मौजूदगी में अवैध रूप से रेलवे भूमि पर बने मकानों को ध्वस्त कराया है। कार्रवाई से पहले रेलवे ने विधिक प्रक्रिया पूर्ण की, जिसके बाद चिह्नित मकानों पर बुलडोजर चलाया है। बुधवार दोपहर दो बजे यमुना ब्रज स्थित मोती महल क्षेत्र में टीम पहुंची। शाम पांच बजे तक सभी 13 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
इस दौरान कुछ क्षेत्रीय लोगों ने रेलवे की कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा करने की कोशिश की, परंतु एत्माद्दौला व छत्ता पुलिस फोर्स ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वह 30 साल से यहां रह रहे थे। उनके घर उजाड़ दिए। अब वह कहां जाएं। इस संबंध में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को क्षेत्रीय लोग ज्ञापन सौंपेंगे।
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संरक्षा के प्रति किया जागरुक
मंडल रेल प्रबंधक आनंद स्वरूप एवं संरक्षा अधिकारी देवानंद यादव की अध्यक्षता में बुधवार को अछनेरा रेलवे स्टेशन पर संरक्षा सेमीनार आयोजित की गई। जहां रेलकर्मियों को पावर ब्लॉक, ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां बताई गईं। साथ ही कर्मचारियों से सुझाव मांगे गए हैं। सेमीनार में अरविंद कुमार, सीडी गुप्ता, उमेश चंद्र व एमके अग्रवाल आदि मौजूद रहे।