एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी को भाजपा ने पहले ही घर भेज दिया है। वहीं भाजपा अब तक 99 अपराधियों को टिकट दे चुकी है, ऐसे में शतक पूरा करने में भाजपा को संकोच क्यों हो रहा है? अखिलेश के नामांकन के दौरान उनके साथ पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, तेजप्रताप यादव, करहल से मौजूदा विधायक सोबरन सिंह यादव भी मौजूद रहे।
बड़े अधिकारी ले रहे कर्मचारियों के वोटर कार्ड
अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी किए जाने की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि बड़े अधिकारी अपने-अपने विभागों के कर्मचारियों का वोटर कार्ड ले रहे हैं। इससे कर्मचारियों पर भाजपा के पक्ष में मतदान का दबाव बनाया जा रहा है।
चुनाव आयोग पर नरम रहा रुख
विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने प्रदेश की मशीनरी से लेकर भाजपा तक सबको अपने बयान में निशाने पर लिया। लेकिन चुनाव आयोग की बात पर हर बार रुख नरम ही रहा। मतगणना में इस बार टेबल बढ़ाए जाने की मंशा पर जब सवाल पूछा गया तो अखिलेश ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ऐसा किया जा रहा है। इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।