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आगरा विश्वविद्यालय का हाल: यहां समस्याएं तो तमाम हैं, समाधान नहीं...भटक रहे हैं छात्र; हेल्प डेस्क भी बेअसर

Fri, 27 Jun 2025 08:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

डॉ.आंबेडकर विवि में विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र भटक रहे हैं, लेकिन समाधान कोई नहीं है। आलम ये है कि यहां बनाया गया हेल्प डेस्क भी बेअसर है। 
 
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आगरा विश्वविद्यालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्रों को एक से दूसरे विभाग चक्कर लगवाया जाता है। उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है। छात्रों की समस्या के बनी हेल्प डेस्क भी बेअसर साबित हो रही है। मार्कशीट से डिग्री के लिए कर्मचारी एक-दूसरे पर काम को टालते रहते है।
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आगरा कॉलेज के बीएससी के छात्र अनुज तोमर ने वर्ष 2024 में छठे सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। परिणाम में छात्र को रिसर्च प्रोजेक्ट में नॉट क्वालिफाइड कर दिया। जबकि छात्र परीक्षा में शामिल हुआ था। कॉलेज में शिकायत के बाद छात्र के प्रोजेक्ट अंक बंद लिफाफे में एक महीने पहले विश्वविद्यालय भेज दिए गए। इसके बाद भी की मार्कशीट अपडेट नहीं की गई। छात्र का कहना है कि गोपनीय से परीक्षा और हेल्प डेस्क के चक्कर कटवाए जा रहे है। हेल्प डेस्क पर विवि कर्मचारी विशाल दीप ने कहा कि प्रोजेक्ट अंक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में मिलेंगे वहां जाकर संपर्क करें। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में संपर्क किया तो वहां से भी वापस लौटा दिया गया। प्रतिदिन ऐसे दर्जनों छात्र-छात्राएं विवि के चक्कर काटकर मायूस होकर वापस लौट जाते है।

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सेमेस्टर परीक्षा में कर दिया नॉट क्वालिफाइड
छात्र आगरा कॉलेज शिवम दीक्षित का कहना है कि आगरा कॉलेज से वर्ष 2021-22 में बीए के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। परिणाम में नॉट क्वालिफाइड कर दिया। पिछले 15 दिन से विवि के चक्कर काट रहा हूं। 

 

मूल अंकतालिका में कर दिया फेल
छात्र आगरा कॉलेज विशाल बॉथम ने बताया कि वर्ष 2021-22 में आगरा कॉलेज से बीएससी किया था। फाइनल के परिणाम में ऑनलाइन मार्कशीट में द्वितीय स्थान था। जब कॉलेज से ओरिजनल मार्कशीट मिली तो उसमें फेल कर दिया गया। कई साल से विवि के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

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समस्या का होगा समाधान
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि वर्तमान में प्रयोगात्मक परीक्षा के प्रभारी को दूसरे विभाग में बैठना पड़ रहा है। इस वजह से मार्कशीट में सुधार नहीं हो पा रहा है। छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान कराया रहा है। 

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