फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: पंचायत चुनाव से पहले थानों में तबादलों का दौर, एसएसपी ने किया बड़ा फेरबदल

Wed, 17 Mar 2021 03:18 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
बबलू कुमार, एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पुलिस थानों में तबादलों का दौर शुरू हो गया है। एसएसपी बबलू कुमार ने मंगलवार रात को शहर और देहात के छह थानों के प्रभारियों में फेरबदल कर दिया। इनमें दो थानों में पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षकों को तैनात किया गया है। 
विज्ञापन


थाना सैंया के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार पांडेय को विशेष विवेचना दल अपराध शाखा में भेजा है। काफी समय से ये थाना अवैध खनन के मामलों से चर्चा में था। थाना खेरागढ़ के प्रभारी निरीक्षक हंसराज भदौरिया को सैंया का प्रभारी बनाया है। थाना खेरागढ़ का प्रभारी पुलिस लाइन से निरीक्षक बलवान सिंह को भेजकर बनाया है।  

आगरा: छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी अस्पताल में भर्ती, पीड़िता ने लगाया वीडियो बनाने का आरोप
विज्ञापन


थाना जगदीशपुरा के प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ सिंह को विशेष विवेचना दल अपराध शाखा भेजा है। उनके स्थान पर पुलिस लाइन में तैनात सुनील कुमार वर्मा को प्रभारी निरीक्षक जगदीशपुरा थाना बनाया है। क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग में तैनात निरीक्षक कमलेश सिंह को थाना सिकंदरा का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वह काफी समय से वहां तैनात थे। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार को थाना हरीपर्वत का प्रभार दिया है। वहीं थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल को थाना सदर का प्रभार दिया है। थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार को मीडिया सेल प्रभारी बनाया है। विशेष विवेचना दल अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक संजीव कुमार तोमर को पुलिस लाइन में तैनाती दी गई है। 
विज्ञापन

दो दिन पहले थाना बरहन और मलपुरा थाना के प्रभारी बदले गए थे। एसओ मलपुरा अनुराग शर्मा को प्रभारी चुनाव, वीआईपी और कोरोना सेल बनाया गया था। एसओ बरहन कुलदीप दीक्षित को मलपुरा थाने का प्रभार दिया गया। प्रभारी मीडिया सेल बहादुर सिंह को थाना बरहन का प्रभारी बनाया था।

एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, थाना प्रभारी और निरीक्षकों में फेरबदल जनपदीय पुलिस स्थापना बोर्ड की बैठक में लिया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक लंबे समय से एक ही थानों में तैनात थे। सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तैनाती दी गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें