मानवाधिकार आयोग तक पहुंची हैं शिकायतें
आगरा में पुलिस की ज्यादती के कई सामने सामने आए हैं। विगत वर्ष 2019 में मानवाधिकार आयोग में आगरा पुलिस की 712 शिकायतें पहुंचीं थीं। इन्हें पुलिस को जांच के लिए भेजा गया है। कायदे कानून ताक पर रखकर पुलिस की मनमानी बढ़ रही है। इसका पता इससे चलता है कि 2018 में 12 महीने में 598 ही शिकायतें पहुंची थीं।
बाह और फतेहाबाद सर्किल के थानों की शिकायतें ज्यादा हैं। अगस्त में शहर में चेन स्नेचिंग के केस दर्ज न किए जाने की तीन शिकायतें भी हैं। एक शिकायत रिपोर्ट दर्ज न कर जहरखुरानी की शिकार महिला को एत्माद्दौला और एत्मादपुर थाना के चक्कर कटवाने की है। इन शिकायतों में से पुलिस ने 599 का निस्तारण हो जाने का दावा किया है। इसकी रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को सात सितंबर को भेजी गई है। 2017 में 504 शिकायतें आई थीं।
ये शिकायतें प्रमुख
1. तहरीर देने पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं, थाने से भगा दिया गया।
2. वारंट जारी होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही पुलिस।
3. थाने पर अवैध हिरासत में रखा, जुर्म कुबूल करवाने के लिए पीटा।
4. नामजद आरोपी हाथ नहीं आया तो उसके परिवारीजनों को थाने पर बिठा लिया।
5. दबिश के दौरान घर में तोड़फोड़ की, महिलाओं से अभद्रता की।
ये भी पढ़ें-