संजीव के भाई अतुल गुप्ता का कहना है कि मकान पिता के नाम पर है। पिता की डेढ़ साल पहले मौत हो गई। मां प्रेमलता ने अधिकारियों को मकान के कागजात दिखाए। इसके बावजूद टीम ने मकान में यह कहकर सील की कार्रवाई की कि इसमें 21 लाख रुपये संजीव ने लगाए हैं। संजीव का कमरा ताला लगाकर सील कर दिया। बाकी मकान को खाली करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। इसी सदमे में बृहस्पतिवार को मां की जान चली गई थी। उनके पास मकान के कागजात हैं, वह अधिकारियों यह दिखाने जाएंगे। पैतृक संपत्ति को कैसे गैंगस्टर एक्ट में सीज किया जा सकता है।
अंतिम संस्कार के लिए मिली पेरोल
प्रेमलता गुप्ता का अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह बल्केश्वर घाट पर किया गया। इस दौरान संजीव गुप्ता को चार घंटे की पेरोल सुबह साढ़े नौ बजे से मिली थी। पुलिस प्रशासन की ओर से पेरोल को लेकर रिपोर्ट लगाई गई थी। पुलिस संजीव गुप्ता को जेल से लेकर आई थी। पेरोल की अवधि समाप्त होने पर जेल में दाखिल कर दिया गया।
व्यापारियों में आक्रोश, कार्रवाई पर उठाए सवाल
अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के पदाधिकारी रघुनाथ प्रसाद गुप्ता, व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने परिवार के लोगों से मुलाकात की थी। इनके अलावा भी व्यापारी मिलने पहुंचे थे। उनका कहना था कि पुलिस ने पैतृक मकान को भी जब्तीकरण की कार्रवाई में चुना। पुलिस का तर्क है कि संजीव गुप्ता ने अपने मकान में 21 लाख रुपये लगाए थे। इसका पुलिस प्रशासन के पास क्या सुबूत है। यह दिखाया जाए। न्यू आदर्श नगर में मकान की कीमत काफी अधिक है। इस हिसाब से 267 गज के प्लाट पर सील कैसे लगाई जा सकती है। मकान की वसीयत किसी और के नाम पर नहीं की गई है। फिर कैसे यह कार्रवाई कर दी गई।
परिजनों ने अपनी बात कही है
गैंगस्टर एक्ट में जेल भेजे गए संजीव गुप्ता की मां की मौत हुई है। परिवार में गमगीन माहौल है। फिलहाल कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों ने अपनी बात कही है।
- विकास कुमार, एसपी सिटी
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