कोरोना ने एक परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली। परिवार में अब मां और दो बच्चे हैं। रिश्तेदारों ने खाने-पीने का इंतजाम किया लेकिन बच्चों की पढ़ाई रुक गई। रिश्तेदारों ने पुलिस से मदद मांगी। थाना हरीपर्वत निरीक्षक अरविंद कुमार की पहल पर बच्चों का एक निजी स्कूल में प्रवेश कराया गया। स्कूल में उनको निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। परिवार ने पुलिस का धन्यवाद दिया है। बच्चे खुश हैं।
अरविंद कुमार ने बताया कि फतेहाबाद के रहने वाले रविनंदन प्रसाद निजी कंपनी में इलेक्ट्रीकल इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2020 में संक्रमण से पहले रविनंदन और कुछ महीने बाद उनकी पत्नी नीरा प्रसाद और बेटे राजन कुमार सिन्हा की मौत हो गई। राजन एक कंपनी में जोनल सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।
परिवार में तीन मौतों से राजन की पत्नी रजनी तनाव में आ गईं। परिवार के लोग उनका उपचार करा रहे हैं। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है। आर्थिक तंगी के चलते बेटी रितिका राज और बेटा राघवेंद्र राज की पढ़ाई रुक गई थी।
पिछले दिनों दोनों बच्चे आगरा में अपने फूफा संजय के पास आकर रहने लगे। संजय ने उनसे संपर्क किया। शनिवार को उन्होंने गायत्री पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रद्युम्न चतुर्वेदी से बात कर बच्चों का एडमिशन कराया। रितिका का कक्षा छह और राघवेंद्र को कक्षा चार में प्रवेश दिया गया है। बच्चों को 12वीं तक निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।