कमला नगर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में डकैती डालकर करोड़ों का सोना लूटने वालों में महिला आरोपी मीनू भारद्वाज को पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया। इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। उसके भाई ने वारदात की और महिला ने रकम और सोना छिपाने में सहयोग किया उसके कब्जे से 101 ग्राम सोने के जेवर बरामद किए गए। अब तक पुलिस 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी मीनू ने बताया कि भाई अंशुल सोलंकी ने अपने साथियों के साथ डकैती डाली थी। इसके बाद उसके पति संजय के साथ घर आया था। उसने रुपयों और आभूषण से भरा बैग दिया था। उसे छिपाया। अंशुल, बड़ी बहन के घर बाइक लेकर चला गया। उसके जाने के बाद बैग से कुछ रुपये और जेवर निकालकर अलग रख दिए। बाद में पति ने रुपये और जेवर से भरा बैग अपनी बहन के घर छिपा दिया। भाई और पति पकड़े गए। उन्होंने बैग बरामद कराया। उस समय वह बाहर गई थी। इस कारण पुलिस नहीं पकड़ सकी। पुलिस की डर के चलते फिरोजाबाद छोड़ दिया था। किराये पर रह रही थी। कुछ दिन पहले लौट आई थी। दो बच्चे भी उसके साथ थे।
17 जुलाई 2021 को डकैती की घटना होने पर पुलिस ने घेराबंदी करके दो बदमाश मनीष और निर्दोष कुमार को एत्मादपुर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया था। उनसे 1.65 लाख रुपये और 7.5 किलोग्राम सोना बरामद किया गया। इसके बाद 21 जुलाई को आरोपी प्रभात ने आत्मसमर्पण किया। 23 जुलाई को संतोष जाटव मुठभेड़ में पकड़ा गया। उससे 63 हजार रुपये और 1.002 किलोग्राम सोना मिला। 27 जुलाई को अंशुल सोलंकी, अंशु यादव उर्फ ध्रुव (सहयोगी), संजय शर्मा (सहयोगी) पकड़े गए। उनसे 2,90,500 रुपये और .966 ग्राम सोना बरामद किया। दो अगस्त को रेनू पंडित, तीन अगस्त को सुनीता व राजा उर्फ गौतम सागर, चार अगस्त को अवकाश मिश्रा उर्फ मोनू, अश्वनी मिश्रा उर्फ सोनू, दस अगस्त को सहयोगी देवेंद्र यादव, दीपू, सराफ सचिन, मनोज पकड़े गए। इसके बाद केशव यादव, संजय कुमार, नरेंद्र उर्फ लाला, अरुण यादव, राजकुमारी उर्फ कौशल्या और अब मीनू भारद्वाज उर्फ अंजली पकड़ी गई। नरेंद्र को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था। आरोपियों से 6,01,272 और कुल 15.249 किलोग्राम सोना बरामद किया गया।