बदमाशों से भिड़ गया था सुशील
वीर बहादुर ने शोर मचा दिया। इस पर दुकान में बैठा सुशील बदमाशों से भिड़ गया। उसने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। वह बदमाशों को घसीटता हुआ बाहर की तरफ ले गया। उसकी बदमाशों ने गुत्थमगुत्था शुरू हो गई। तभी तीसरा बदमाश आया। उसने सुशील के सीने में गोली मार दी। वह लहूलुहान होकर गिर गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बदमाशों ने एक और गोली चलाई। इसके बाद भाग गए।
कर्मचारी को वीर बहादुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसपी सिटी विकास कुमार और सीओ छत्ता दीक्षा सिंह पहुंच गईं। पुलिस ने छानबीन की। मगर, बदमाशों का पता नहीं चल सका। पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए, लेकिन बदमाशों के चेहरे साफ नहीं आ सके। वह मास्क भी लगाए थे। यह भी पता नहीं चल सका कि वो किस तरफ भागे थे।
काफी देर तक दुकान में पड़ी रही लाश
स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी देर से सुशील की लाश दुकान में पड़ी थी। इस पर क्षेत्रीय विधायक रामप्रताप सिंह चौहान को जानकारी दी। उन्होंने फोन करके अधिकारियों को अवगत कराया।
परिचित महिला ने रखवाया था सुशील
दुकान मालिक वीर बहादुर ने पुलिस को बताया कि एक परिचित महिला ने सुशील को नौकरी पर रखवाया था। इस पर वो पहले ही दिन काम पर आया था। रात में माल आना था, इसलिए दुकान पर बैठे हुए थे। उसने बदमाशों को पकड़ने में तत्परता दिखाई। क्या पता था कि बदमाश गोली मार देंगे। सुशील की मौसी कालिंदी विहार में रहती हैं।
एसएसपी मुनिराज जी. ने कहा कि तीन बदमाशों ने दुकान में लूट का प्रयास किया। सुशील चौहान बदमाशों से भिड़ गया था। इस पर एक बदमाश ने उसे गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बदमाशों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।