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कल पेश किया जाएगा आगरा मास्टर प्लान 2031 का ड्राफ्ट

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आगरा। भविष्य के आगरा का मास्टर प्लान 2031 का ड्राफ्ट बृहस्पतिवार को लखनऊ में पेश किया जाएगा। मंगलवार को मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया। इसे लखनऊ में 30 सितंबर को होने वाली बैठक में एडीए उपाध्यक्ष पेश करेंगे। अक्तूबर के महीने में आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे।
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मंगलवार को एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी रुद्रा अभिषेक लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक की। कंपनी ने उपाध्यक्ष को बताया कि पहला ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। जीआईएस बेस मास्टर प्लान तैयार किया गया है। मास्टर प्लान का प्रजेंटेशन एडीए उपाध्यक्ष के सामने पेश किया गया। अब लखनऊ में उपाध्यक्ष शासन के सामने इस मास्टर प्लान ड्राफ्ट को रखेंगे।
एडीए उपाध्यक्ष राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि मास्टर प्लान का ड्राफ्ट पेश करने के बाद शासन से स्वीकृति मिलने पर एडीए बोर्ड में बैठक होगी, जिसके बाद आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। इसे आम जनता के लिए प्रकाशित किया जाएगा। लोगों की आपत्तियों और सुझाव के बाद ही फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। वह भी शासन भेजा जाएगा और शासन की मंजूरी के बाद एडीए बोर्ड उसे स्वीकृति देगा। उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पैंसिया के मुताबिक अक्तूबर में ड्राफ्ट की आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रजेंटेशन के दौरान ओएसडी गरिमा सिंह, मुख्य नगर नियोजक आरके सिंह, नगर नियोजक प्रभात कुमार आदि मौजूद रहे।
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15 सितंबर तक करना था पेश
आगरा मास्टर प्लान 2031 बीते साल दिसंबर में तैयार होना था, लेकिन फिर इसकी तारीख 31 मार्च की गई। उसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के कारण 15 सितंबर तक इसे पेश करना था, लेकिन रुद्रा अभिषेक कंपनी इसे तैयार नहीं कर पाई। ग्रेटर आगरा की योजना के कारण बार बार मास्टर प्लान का ड्राफ्ट बदलता रहा। इनर रिंग रोड के पास लैंड पार्सल, ग्रेटर आगरा, मेडिसिटी, स्टेडियम आदि की योजनाओं के कारण फतेहाबाद रोड पर मास्टर प्लान कई बार बदला।
25 करोड़ रुपये का दिया लक्ष्य
मंगलवचार को एडीए उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन विभाग के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने अवैध निर्माण पर शिकंजा कसने, तुरंत कार्रवाई करने और पुराने अवैध निर्माणों की कंपाउंडिंग करने के निर्देश दिए। इंजीनियरों को 25 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य दिया गया। एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि 2019-20 में एडीए को 6 करोड़ रुपये का कंपाउंडिंग शुल्क मिला था, जो 2020-21 में सात करोड़ हुआ और इस साल पहली छिमाही में ही 8 करोड़ रुपये मिल चुका है। बाकी 6 माह में लक्ष्य के अनुरूप 25 करोड़ रुपये शमन शुल्क के रूप में जमा कराए जाएं।
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