'मैं जम्मू पहुंच गया हूं। कल सुबह (गुरुवार को) कश्मीर के लिए अन्य जवानों के साथ निकलूंगा। छुट्टी लेकर जल्दी घर आऊंगा। तुम सबका ध्यान रखना।' पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान गांव कहरई के कौशल किशोर रावत की बेटी अपूर्वा से आखिरी बार फोन पर यही बात हुई थी। इसके बाद उनकी शहादत की खबर ही बेटी को मिली।
शहीद कौशल किशोर की पत्नी और बच्चे गुड़गांव में रहते हैं। गुरुवार रात को परिवार कहरई पहुंच गया। बेटी अपूर्वा की शादी हो चुकी है। लंबी छुट्टी गुजारने के बाद 12 फरवरी को ही जम्मू के लिए रवाना हुए थे। घटना के एक दिन पहले 13 फरवरी की शाम को जम्मू से ही कौशल किशोर ने बेटी अपूर्वा से फोन पर बात की।
उन्होंने कहा था कि ‘मैं यहां ठीकठाक तरीके से पहुंच गया हूं। तुम लोग मेरी चिंता मत करना। अपना ध्यान रखना। मेरे पास प्रीपेड सिम है। कश्मीर में यह काम नहीं करेगी। इसलिए जल्द ही पोस्टपैड कनेक्शन लूंगा। तब बात करूंगा। जल्द ही छुट्टी लेकर घर आऊंगा।’