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आगरा: पुलिस कस्टडी रिमांड पर निलंबित जीएसटी अफसर से डेढ़ लाख रुपये बरामद, मुखबिर गिरफ्तार

Sun, 03 Oct 2021 01:39 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये की लूट के मामले में एक और गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने मथुरा निवासी युवक को गिरफ्तार किया है, जो कारोबारियों की मुखबिरी करता था। वहीं पुलिस कस्टडी रिमांड पर निलंबित जीएसटी शैलेंद्र सिंह से डेढ़ लाख रुपये बरामद किए हैं। 
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निलंबित अफसर शैलेंद्र कुमार, मुखबिर मुकेश सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में मथुरा के चांदी कारोबारी प्रदीप अग्रवाल से 43 लाख रुपये की लूट और भ्रष्टाचार के आरोपी जीएसटी के निलंबित अधिकारी शैलेंद्र कुमार से डेढ़ लाख रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने उसे तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया था। उसने मेरठ कोर्ट में समर्पण किया था। 

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लूट की रकम बरामदगी के साथ पुलिस ने मुकेश सिंह नाम के मुखबिर को भी गिरफ्तार किया है। वह मथुरा के गांव खामनी (थाना हाईवे) का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार मुकेश सिंह ही जीएसटी के निलंबित अधिकारियों को कारोबारियों से जुड़ी जानकारी देता था। 

चांदी कारोबारी प्रदीप अग्रवाल के बिहार से लौटने की जानकारी भी मुकेश ने दी थी। इसके एवज में उसे एक लाख रुपये मिलने थे। इसमें 25 हजार मिल चुके थे। लेकिन बीच केस होने के कारण मुकेश सिंह गायब हो गया था। पुलिस ने शनिवार को उसे भी गिरफ्तार कर लिया। 

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यह है मामला
मथुरा के चांदी कारोबारी प्रदीप अग्रवाल को 30 अप्रैल को लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जीएसटी अधिकारियों ने रोका था। जयपुर हाउस स्थित कार्यालय पर लाए थे। आरोप है कि उनसे 43 लाख रुपये लूट किए गए। इस मामले में 12 मई को थाना लोहामंडी में तहरीर दी गई थी। 

विभागीय जांच में आरोपी जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार, जीएसटी अधिकारी शैलेंद्र कुमार, सिपाही संजीव कुमार और निजी चालक दिनेश कुमार के नाम मुकदमे में खोले गए थे। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, लूट और धोखाधड़ी की धारा लगी थीं।

आगरा में 43 लाख की लूट का मामला: जीएसटी के निलंबित अधिकारी का मेरठ कोर्ट में समर्पण, जेल भेजा

मेरठ कोर्ट में किया समर्पण
पुलिस ने 14 सितंबर को अजय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि 17 सितंबर को शैलेंद्र कुमार ने मेरठ कोर्ट में समर्पण किया था। उन्हें जेल भेज दिया गया था। सिपाही संजीव कुमार और चालक दिनेश पूर्व में जेल भेजे गए थे। दोनों अधिकारियों को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
 
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