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आगरा: आखिर कौन है धौलपुर का बदन सिंह, जिसने दंत चिकित्सक निखिल के बाद डॉ. उमाकांत को बनाया निशाना

Fri, 16 Jul 2021 12:10 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के मुताबिक, दस्यु केशव गुर्जर का साथी रहा बदन सिंह मूलरूप से राजस्थान के जिला धौलपुर के गांव अब्दुलपुर कंचनपुर का रहने वाला है।
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बदन सिंह तोमर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डाक्टर उमाकांत गुप्ता काअपहरण कर सनसनी फैलाने वाला बदन सिंह दस्यु केशव गुर्जर का गुर्गा है। वह पकड़ को केशव तक पहुंचा देता है। इसके बाद बीहड़ में फिरौती की रकम वसूल की जाती है। रोहता में चार साल पहले डेंटिस्ट निखिल बंसल का अपहरण करके फिरौती वसूल की थी। मगर, डा. उमाकांत के अपहरण के मामले में पुलिस की सक्रियता से फिरौती नहीं वसूल सका। 

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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के मुताबिक, दस्यु केशव गुर्जर का साथी रहा बदन सिंह मूलरूप से राजस्थान के जिला धौलपुर के गांव अब्दुलपुर कंचनपुर का रहने वाला है। इस समय सदर के नैनाना जाट में किराये पर मकान लेकर रह रहा था। यहा पर ही मंगला पाटीदार को भी अपने साथ रखे हुए था। वह आगरा से पहले भी अपहरण की वारदात कर चुका है। अक्तूबर 2017 में ग्वालियर हाईवे से डेंटिस्ट निखिल बंसल का अपहरण किया था। वह ग्वालियर हाईवे स्थित रोहता में वाहन का इंतजार कर रहे थे। तभी बदमाश उन्हें कार में डालकर ले गए थे। कई दिन बाद वो मुक्त हो सके थे।
परिजनों ने धौलपुर में फिरौती दी थी। पुलिस ने बदन सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब वह जमानत पर बाहर आया है। वह पकड़ को अपने सरगना केशव गुर्जर तक भी पहुंचा था। डॉ. निखिल बंसल के अपहरण में सरगना का भी नाम सामने आया था। पुलिस को जानकारी मिली है कि बदन सिंह पर अपहरण के तीन से चार मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा भी मुकदमों की जानकारी मिली है। उस पर वर्ष 2017 में मुरैना से दस हजार रुपये का इनाम भी था। उसने जेल से बाहर आने के बाद फिर से अपहरण की योजना बनाई। वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग गया। एडीजी ने बदन सिंह पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अब भी पुलिस टीम डेरा जमाए है।

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पुलिस के रडार पर गैंग में 12 सदस्य
पुलिस को जानकारी मिली है कि कार में सवार बदमाश बदन सिंह के अलावा भोला नाम के दो बदमाश और एक धर्मेंद्र्र था। इसके अलावा दो बदमाश बाइक पर आए थे। वहीं बदमाशों के छह साथी और थे। इन सभी का अलग काम था। पवन को कार को पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। बाइक पर पकड़ को बीहड़ में पहुंचाने और रखने की जिम्मेदारी थी। बदन सिंह के फरार तीनों साथियों भोला, धर्मेंद्र पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। 
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