आगरा की ट्रांसयमुना कॉलोनी निवासी डॉ. उमाकांत गुप्ता को बदमाश चार घंटे में ही शहर की सीमा से बाहर धौलपुर ले गए थे। उनको बीहड़ में रखा गया था। उनकी बरामदगी आसान नहीं थी। मगर, पुलिस टीमों ने तत्परता दिखाई। आगरा पुलिस के साथ ही धौलपुर पुलिस के 30 जांबाज लगे थे। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने काम किया।
डॉक्टर के अपहरण के बाद पूरे शहर में खलबली मच गई थी। पुलिस को सूचना रात में एक से दो के बीच लगी थी। उनकी सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस ने तत्परता से काम शुरू कर दिया। क्राइम ब्रांच, सर्विलास टीम, एसओजी को लगाया गया। पांच टीमें बनाई गईं। एडीजी राजीव कृष्ण और आईजी नवीन अरोरा ने टीमों का मार्गदर्शन किया। इसके साथ ही एसएसपी मुनिराज जी ने निर्देशित किया।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम धौलपुर पहुंची थी। यहां से स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। 15 पुलिसकर्मी यहां के भी शामिल हो गए। चंबल नदी पैदल पार करने के बाद बीहड़ में टीम ने कैंप लगाया था। गांव बमरौली में पकड़ को रखा गया था। यह बात साफ होने के बाद पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी कि डॉक्टर को सकुशल बरामद कर लें। इसलिए रात में जाने का फैसला लिया गया। दिन में डॉक्टर को बीहड़ में रखा गया था। रात में बदमाश उन्हें ऊपर खेतों में ले आए थे। पुलिस टीम ने खेतों में घेराबंदी करके अंदर प्रवेश किया। इसके बाद पुलिस को चबूतरे पर बैठे डाक्टर मिल गए। उन्हें देखकर पुलिस ने घेर लिया।
पुलिस टीम में एसपी सिटी के अलावा थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल, निरीक्षक हरीपर्वत अरविंद कुमार, सर्विलांस प्रभारी नरेंद्र कुमार, एसआई कुलदीप दीक्षित सहित अन्य शामिल थे। वहीं एडीजी रात तक केस की अपडेट ले रहे थे। आईजी और एसएसपी भी टीम का मार्गदर्शन कर रहे थे।
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